ये हैं रियल हीरो, कैप्टन रुस्तम पलिया और कैप्टन सुशान्त सिंह

हवाई पट्टी के किनारे अनेक एम्बुलेंस, Fire Fighting के जवान और गाड़ियाँ खड़ी कर दी गईं थी... अमेरिकी सेना के लोग मदद को भेजे गए... हवाई अड्डे के आस पास तथा न्यू जर्सी राज्य के हस्पतालों के रास्तों को खाली करा लिया गया... आस पास बड़ी बड़ी इमारतें... जहाज़ को 400 फ़ीट से नीचे उड़ाना... और फिर अंदाज़ से हवाई पट्टी पर उतारना था...

ऊपर प्रदर्शित चित्र में जो ये दो महानुभाव दिख रहे हैं… ये हैं रियल हीरो… कैप्टन रुस्तम पलिया और कैप्टन सुशान्त सिंह…

एक एयर इंडिया की फ्लाइट है एआई-101 जो कि दिल्ली से अमेरिका (न्यू यॉर्क) का सीधा लगभग 15 घण्टे का फ्लाइट टाइम लेती है बिना रुके… ये दोनों उस फ्लाइट के कैप्टेन हैं।

11 सितम्बर 2018 को बोइंग 777 – 300-ईआर एयरक्राफ्ट जो कि फ्लाइट एआई-101 बनकर बस एक घंटे बाद न्यू यॉर्क में पहुँचने वाली थी… कि एयरक्राफ्ट में खराबी आने लगी… इस जहाज में कुल 370 लोग सवार थे।

न्यू यॉर्क के जॉन एफ कैनेडी (JFK) हवाई अड्डा आते आते मौसम भी भयंकर रूप से खराब हो गया… इधर जहाज़ में खराबियाँ आने लगी और मौसम बहुत ख़राब होने लगा… इन्होंने जॉन एफ कैनेडी हवाई अड्डे के एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (ATC) को खराबियों ने बारे में बताया…

तभी पता चला कि जहाज के सारे तीनों Instrument Landing System (ILS) खराब हो चुके हैं… JFK के ATC ने इनको किसी अंतिम फैसला लेने से पहले अभी उड़ते रहने को कहा…

कुल मिलकर रिपोर्ट हुआ कि AI-101 is having Multiple Instruments System Failure in mid air … In Totality TCAS Failure, No Autoland, Frontlight Failure, Windshear system failure, Autospeed Break and APU failure…

मौसम और ख़राब हो गया तो कप्तान ने किसी और नज़दीकी हवाई अड्डे पर उतरने की अनुमति मांगी लेकिन आस पास के हर अड्डे पर ऐसा ही मौसम था…

जहाँ का मौसम अच्छा था वहां तक जाने का ईंधन जहाज़ में नहीं था… 38 मिनट तक उड़ते रहने के बाद अब जहाज़ उतारना ज़रूरी हो चुका था…

इस फ्लाइट को बाद में नेवार्क (Newark) हवाई अड्डे पर उतरने को कहा गया… दोनों कप्तानों ने जहाज़ के लाइट सिस्टम फ़ेल होने के बाद अपनी आँखों पर भरोसा रखने का इरादा किया, ऑटो लैंडिंग सिस्टम फ़ेल हो चुका था…

तभी एक मुसीबत और आ गई… बादल इतने नीचे आ गए कि वो ज़मीन से सिर्फ 400 फ़ीट ऊपर थे… ऐसे में जहाज़ को 400 फ़ीट से भी नीचे उड़ाकर, मैन्युअली हवाई पट्टी देखकर, लैंडिंग गियर को पट्टी पर एडजस्ट करके जहाज को उतारना था…

JFK के ATC ने जहाज़ के कप्तान की अपनी रिस्क पर इसकी अनुमति दी… Newark हवाई अड्डे पर हवाई पट्टी के किनारे अनेक एम्बुलेंस, Fire Fighting के जवान और गाड़ियाँ खड़ी कर दी गईं थी… अमेरिकी सेना के लोग मदद को भेजे गए… हवाई अड्डे के आस पास तथा न्यू जर्सी राज्य के हस्पतालों के रास्तों को खाली करा लिया गया…

आस पास बड़ी बड़ी इमारतें… जहाज़ को 400 फ़ीट से नीचे उड़ाना… और फिर अंदाज़ से हवाई पट्टी पर उतारना था…

ATC द्वारा OK मिलते ही कप्तानों ने जहाज़ को नीचे लाना शुरू किया… फिर बादल के नीचे 380 फ़ीट पर उड़ाते हुए लैंडिंग के लिए हवाई पट्टी के नज़दीक लाए और सकुशल जहाज को पट्टी पर उतार दिया…

रिपोर्ट के अनुसार बोइंग के मैनुअल में भी जहाज़ को इस हालत में उतारने के बारे में नहीं लिखा है… इस हालत में जहाज़ को उतारने का पूरा कारनामा सिर्फ पायलट को ही करना था और इन दोनों लोगों ने कर दिखाया…

JFK स्थित ATC के धैर्य और स्थिति को गंभीरता से लेकर धैर्य से फैसला लेने की भी पूरी दुनिया में सराहना हो रही है…

इस पूरे 40 मिनट से ऊपर के घटनाक्रम में दो अन्य पायलट डी एस भट्टी तथा विकास के साथ क्रू के अन्य सदस्यों ने जहाज़ के अंदर की हालत संभाल के रखी और कोई अफरातफरी जैसा माहौल नहीं होने दिया…

JFK के ATC ने कप्तान और ATC के बीच के रोंगटे खड़े कर देने वाले समय में भी कप्तान और ATC के बीच हुए साहसी और धैर्यपूर्वक समाधान निकालने की बातों का 14 मिनट का ऑडियो पब्लिक के लिए रिलीज़ किया है… इस तरह 2018 का 9/11 सुरक्षित रहा…

एआई-101 के इन दो शानदार कप्तान, सह पायलट तथा क्रू के सदस्यों को नमन… आप पर गर्व है…

ये कैसा इतिहास जो नहीं बताता मणिराम दीवान के बारे में!

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