नमो जन्मोत्सव : पहली बार अंगड़ाई ली है वर्षों से सोये राष्ट्र ने

कहावत है कि – अकेला चना भाड़ नहीं झोंक सकता!! लेकिन 68 वर्ष के इस व्यक्ति ने इसे गलत साबित कर दिया है। सफ़ेद दाढ़ी और चेहरे पर गज़ब का तेज लिए ये व्यक्ति आज न केवल देश बल्कि पूरे विश्व में भारत का डंका बजा रहा है।

देख रहा हूँ लोग जैसे रात 12 बजने का ही इंतज़ार कर रहे थे, मोदी जी को जन्मदिन की बधाई देने के लिए। इसके पहले शायद ही किसी नेता का जन्मदिन देश की आम जनता को याद भी रहा होगा, मनाना तो दूर की बात है।

इस उम्र में इतनी ऊर्जा, इतना समर्पण, इतनी निष्ठा की मिसाल शायद ही किसी ने पहले कभी देखी हो। अपनी अति प्रशंसा से मोदी न तो गदगद होते हैं और न ही अपनी आलोचना से विचलित होते हैं।

कुछ लोग मोदी को “हिंदुत्व” रक्षक और कुछ लोग उनको इससे भटक जाने वाला मानते हैं। जबकि सच्चाई ये है कि मोदी जी ने कभी इस पर कुछ कहा ही नहीं है। कुछ ‘हिन्दू शेरों’ ने ज़रूर उन पर ये थोपा है और खुद श्वान बनकर मोदी जी पर भौंकते रहते हैं।

चुनावों के समय भी मोदी जी ने “सबका साथ सबका विकास” का ही नारा दिया था, उन्होंने कभी ‘हिंदुत्व’ की बात नहीं की थी लेकिन ‘हिन्दू शेर’ चाहते हैं कि देश से हिंदुओं के अलावा सबको मार मारकर भगा दिया जाय या उन पर वैसे ही अत्याचार किये जाएँ जैसे कि इराक, सीरिया या पाकिस्तान में हो रहे हैं। 60 वर्षों तक सोये लोगों को अचानक सब कुछ पलक झपकते ही चाहिये।

एक अच्छे करियर, व्यापार को खड़ा करने में ही कई वर्ष लग जाते हैं फिर ये तो 125 करोड़ लोगों के वर्षों तक लूटे गए, छले गए, बुरी तरह तहस नहस किये गए राष्ट्र को खड़ा करने का मामला है और इसमें वक़्त लगेगा। फिर भी जिस गति और लगन से ये व्यक्ति काम कर रहा है उससे ये असंभव काम भी जल्दी संभव होता दिख रहा है।

वर्षों से मुफ्तखोरी, क़र्ज़माफ़ी, जातिवाद, धर्मविशेष की राजनीति करने वालों की नींदें हराम हो गई हैं। पंचायत चुनाव से लेकर तो आम चुनावों तक हर तरफ इसी व्यक्ति को आदर्श और आलोचना के तौर पर लिया जाता है। देश को अपनी बपौती समझने वाले आज शहर शहर, गाँव गाँव, मंदिर मंदिर भटक रहे हैं तो इसके पीछे यही सफ़ेद दाढ़ी वाला ओजस्वी चेहरा है।

क्रिकेट के दीवाने इस देश में इस एक व्यक्ति ने राजनीति को सबसे ज़्यादा चर्चित विषय बना दिया है। वर्षों तक सोये राष्ट्र ने पहली बार अंगड़ाई ली है, सुबह की भोर की प्रतीक्षा में खुद को खड़ा करने का प्रयास किया है। जब पहली बार सूरज की पहली किरणें आँखों को चकाचौंध करना चाहती हों, इतनी शक्ति और इतना विश्वास तो मोदी ने भर ही दिया है।

हमारा मान, हमारा अभिमान, हमारा मोदी- आप दीर्घायु हों, विश्वविजयी हों। गर्व है हमें हमारे प्रधानमंत्री पर !!

जन्मदिन पर शुभकामनाएं और प्रणाम स्वीकार कीजिये।

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