कौन बनेगा करोड़पति: बिना कहीं जाए, घर बैठे 16 करोड़ रुपये कमाने का सुनहरा अवसर

आज आपके पास करोड़पति बनने का सुनहरा अवसर है। मेरे लेख भक्त भी पढ़ते हैं और विरोधी/ चमचे/ गुलाम भी।

आज का यह लेख विरोधियों, चमचों और गुलामों के लिए है। आप सब मेरे लेख पढ़ते आये हैं लेकिन आज तक कोई monetary (आर्थिक) फायदा नहीं मिला। आज आपको करोडों रुपये कमाने का मौका दे रहा हूँ।

अब जब इतनी महँगाई है, पेट्रोल महँगा, सब कुछ महँगा तो 16 करोड़ अगर आप कमा लें तो इसमें कोई हर्ज़ थोड़े ही है, वो भी घर बैठे, फेसबुक पर, बस आपको मेरे सवालों के जवाब देने हैं।

तो आइये मित्रों, खेलते हैं कौन बनेगा करोड़पति

पहला सवाल : 2 अप्रैल के बन्द के दौरान कहा गया था कि SC ST एक्ट खत्म कर दिया गया है? यदि कोई ऐसे दस्तावेज़ या गजट नोटिफिकेशन दिखा दे तो उसे पूरे 2 करोड़ रुपये नगद इनाम मिलेंगे।

दूसरा सवाल : SC ST एक्ट में 6 महीने तक ज़मानत नहीं होगी? यदि कोई ऐसे दस्तावेज़ या गजट नोटिफिकेशन दिखा दे जिसमें यह लिखा हो तो उसे पूरे 2 करोड़ रुपये नगद इनाम मिलेंगे। असलियत यह है कि जज चाहे तो 1 मिनट में ज़मानत दे सकते हैं।

तीसरा सवाल : SC ST केस में सिर्फ SC ST ही गवाही देंगे? यदि कोई ऐसे दस्तावेज़ या गजट नोटिफिकेशन दिखा दे जिसमें यह लिखा हो तो उसे पूरे 2 करोड़ रुपये नगद इनाम मिलेंगे।

ऐसा कोई संशोधन नहीं किया गया है, ना ही किया जा सकता है क्योंकि Indian Evidence Act 1872 के अनुसार किसी भी केस में कोई भी गवाही दे सकता है, अतः ये झूठ है।

चौथा सवाल : SC ST एक्ट केस में जांच अधिकारी SC ST होगा? यदि कोई ऐसे दस्तावेज़ या गजट नोटिफिकेशन दिखा दे जिसमें यह लिखा हो तो उसे पूरे 2 करोड़ रुपये नगद इनाम मिलेंगे। ना ही ऐसा कोई प्रावधान है और ना ऐसा कोई अमेंडमेंट किया गया, ये भी झूठ है।

पांचवा सवाल : SC ST एक्ट केस की सुनवाई SC ST जज करेंगे? यदि कोई ऐसे दस्तावेज़ या गजट नोटिफिकेशन दिखा दे जिसमें यह लिखा हो तो उसे पूरे 2 करोड़ रुपये नगद इनाम मिलेंगे।

ऐसा ना तो कोई प्रावधान है ना ही अमेंडमेंट किया गया, यह संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। कृपया मेरा 9 सितंबर का लाइव देखें, यह भी झूठ है।

छठा सवाल : 1989 के एक्ट में अग्रिम ज़मानत मिलती थी? यदि कोई ऐसे दस्तावेज़ या गजट नोटिफिकेशन दिखा दे जिसमें यह लिखा हो तो उसे पूरे 2 करोड़ रुपये नगद इनाम मिलेंगे।

1989 में राजीव गांधी और काँग्रेस द्वारा बनाये गए एक्ट में साफ लिखा है कि CrPc की धारा 438 जिसमें अग्रिम ज़मानत का प्रावधान है वो इस एक्ट पर लागू नहीं होगी, यानी किसी भी हालत में अग्रिम ज़मानत नहीं मिलेगी।

सातवां सवाल : मोदी ने एक्ट में बदलाव कर दिया है अब SC ST एक्ट लगते ही तुरंत गिरफ्तारी हो जाएगी? यदि कोई ऐसे दस्तावेज़ या गजट नोटिफिकेशन दिखा दे जिसमें यह लिखा हो तो उसे पूरे 2 करोड़ रुपये नगद इनाम मिलेंगे।

गिरफ्तार करना, न करना पुलिस के हाथ में है। यदि पुलिस को लगता है कि व्यक्ति सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है, गवाहों पर दबाव बना सकता है तो उसे ऐसा करने से रोकने के लिए गिरफ्तार किया जाता है।

लेकिन यदि पुलिस को लगता है कि व्यक्ति सभ्य समाज का हिस्सा होकर ऐसा कुछ नहीं करेगा तो उसे गिरफ्तार करने की कोई ज़रूरत नहीं होती, और ऐसे में पुलिस सीधे FR (फाइनल रिपोर्ट) या चार्जशीट/चालान कोर्ट में दायर कर सकती है।

यह सभी केसों में अप्लाई होता है, जघन्य अपराध छोड़ कर। पूर्व में ऐसा हज़ारों केसों में हो चुका है जहां गिरफ्तारी नहीं की गई।

आठवां सवाल : अगर SC ST एक्ट में FIR हो गयी तो कुछ नहीं कर सकते, 6 माह के लिए जेल जाना ही होगा? यदि कोई ऐसे दस्तावेज़ या गजट नोटिफिकेशन दिखा दे जिसमें यह लिखा हो तो उसे पूरे 2 करोड़ रुपये नगद इनाम मिलेंगे।

ऊपर बताया जा चुका है गिरफ्तार करना अनिवार्य नहीं है तो जेल जाने का प्रश्न ही नहीं उठता, ज़मानत भी तत्काल मिल सकती है। इसके अलावा आप FIR को quash/खात्मा करवाने के लिए धारा 482 में हाइकोर्ट भी जा सकते हैं जहां से FIR निरस्त की जा सकती है, पूर्व में हज़ारों केसों में ऐसा हुआ है।

तो मेरे विरोधी मित्रों कहाँ आप 15 लाख के लिए कटोरा ले कर पिछले 4.5 साल से भिखारियों की तरह घूम रहे हैं। आइये मैं आपको लाखों नहीं करोड़ों कमवा कर देता हूँ, एक आध करोड़ नहीं पूरे 16 करोड़!

मेरे प्यारे 15 लाख वाले भिखारियों, 15 लाख ज़्यादा होता है या 16 करोड़? तो आइए और ले जाइए अपने अपने हिस्से के 16 करोड़। और हां, इस नगद इनाम के अलावा आपको बोनस भी मिलेगा, कुत्ते की लार वाले झूठे बिस्कुट भी मिलेंगे, तो आते जाइये इनाम पाते जाइये और बिस्कुट खाते जाइये।

जय श्री राम।

और हाँ, अगर दोबारा ऐसा झूठ प्रचारित किया तो इस से भी तल्ख भाषा का प्रयोग किया जाएगा, ध्यान रहे धारा 377 हटाई जा चुकी है।

वो नफ़रत की, तोड़ने की राजनीति करते हैं, और हम ‘जोड़ने’ की…

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