सफाई करने के लिए कूड़े को बाहर निकाल आग लगाएंगे, या घर ही फूंक देंगे!

मोदी का विरोध करना है, बेशक कीजिये। मुट्ठी भर लोग ही होंगे जिन्होंने मोदी के विरुद्ध खुलकर मुझसे पहले से और मुझसे ज्यादा लिखा होगा। पर मेरी समझ से मोदी के विरोध का यह मुद्दा गलत है। सैद्धांतिक रूप से ही नहीं, टैक्टिकल कारणों से भी…

1990 बहुत से मित्रों को नहीं याद होगा। उस मंडल विरोधी आंदोलन में उतरने की आप लोगों में से अनेक की उम्र नहीं रही होगी।

मैं उस आंदोलन में खूब खूब सक्रिय था। मीटिंग, प्रदर्शन, जुलूस, पोस्टर… खूब किया। साथ चल रहे तोड़ू फोड़ू लोगों को झेला भी।

उनमें से कुछ ऐसे लोगों से भी निबटना पड़ता था जिनका आधा ध्यान इस बात पर होता था कि कहाँ आग लगाई जाए। कुछ का ध्यान चंदा जमा करके कलकत्ता की दुर्गापूजा घूमने पर था।

और आज की सामाजिक एकता उस आंदोलन के सामने कुछ भी नहीं है। फिर भी मैं कहूँगा, उस आंदोलन ने फायदा कम, नुकसान ज्यादा किया।

अगर मंडल कमीशन चुपचाप लागू हो जाता तो जिन दो-चार हज़ार लोगों को नौकरी मिली सिर्फ उन्हें फर्क पड़ता। पर उस आंदोलन ने सामाजिक ध्रुवीकरण का काम पूरा कर दिया। गाँव-गाँव में अनपढ़ आदमी भी जिसे रिज़र्वेशन से कुछ नहीं मिलना था, वह भी जाति के प्रश्न पर खड़ा हो गया। आरक्षण तो लगा ही, बिहार-उत्तरप्रदेश को लालू-मुलायम-मायावती का युग भी मिला।

जब सामाजिक माहौल बिगड़ता देख कर भाजपा नेतृत्व ने वीपी सिंह की सरकार को गिराने की ठानी तो उन्होंने एक दूरदर्शी निर्णय लिया। सरकार से समर्थन खींचा, लेकिन मंडल के मुद्दे पर नहीं, मंदिर के मुद्दे पर। अटल जी की दूरदर्शिता और आडवाणी जी की ऊर्जा ने देश को एक आत्मघाती दौर से निकाला।

विरोध कीजिये… पर मूल कारण का कीजिये। सरकार के ढुलमुल और कमज़ोर रवैये का कीजिये। सरकार की हिन्दू विरोधी नीतियों का कीजिये। सरकार की दृष्टिहीनता और दिशाहीनता का कीजिये।

बेखौफ मीडिया और बेलगाम ज्यूडिशरी से निबटने में अक्षमता का कीजिये। उस व्यवस्था के सामने सरकार की निष्क्रियता का कीजिये जिसने सरकार को इस तरह घुटनों पर ला दिया है और देश को इस खतरनाक मोड़ पर पहुँचा दिया है…

पर सवर्ण बनकर नहीं, हिन्दू बन कर कीजिये. और अपनी जातिगत चेतना को छोड़कर हिन्दू चेतना को स्वीकार किये बिना यह नहीं होगा।

इस दीवाली में आप अपने घर की सफाई करना चाहते हैं, सारा कूड़ा-कचरा निकाल कर आग लगा देना चाहते हैं… तो क्या करेंगे? कूड़े को बाहर निकालेंगे फिर आग लगाएंगे, या घर के अंदर ही माचिस मारने का इरादा है?

कब लगाओगे किसी को गले सिर्फ हिन्दू समझ कर? जब देश कराची हो जाएगा तब?

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