2019 मोदी का है! जानिए, क्यों और कैसे?

2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी (भाजपा) को 17 करोड़ से कुछ ज़्यादा लोगों ने वोट दिया… 17 करोड़ 16 लाख 57 हज़ार लोगों ने।

इसके अलावा हम ये मानते हैं कि चुनाव पूर्व गठबंधन वाले सहयोगियों को मिले वोट में भी बहुत सा वोट दरअसल मोदी जी को मिला वोट ही था… खास कर शिव सेना, अकाली दल, अपना दल, उपेंद्र कुशवाहा इत्यादि को मिले वोट का कुछ हिस्सा।

इस तरह हम ये मान लेते हैं कि लगभग 18 करोड़ लोगों ने मोदी जी को वोट दिया था। इनमें से कुछ लोग विभिन्न कारणों से 2019 में वोट नही देंगे… पर मोटे तौर पर लोग न मोदी जी से निराश हैं और न उनके खिलाफ कोई विशेष Anti Incumbency है।

मेरा मानना है कि इन 18 करोड़ में से 15-16 करोड़ लोग 2019 में फिर मोदी जी को ही वोट देंगे।

तो फिर 2019 जीतने के लिए भाजपा संगठन और सरकार की योजना क्या है?

मोदी जी ने इस कार्यकाल में कुल 8 करोड़ गरीब परिवारों को छुआ है… उन गरीबों को, जिनकी रसोई में आज तक LPG जैसी मूलभूत सुविधा तक न थी… मोदी जी उस गरीब की रसोई में घुस गए हैं।

इन 8 करोड़ परिवारों में न सिर्फ उज्जवला, बल्कि बिजली बत्ती, बीमा, स्वास्थ्य बीमा, अटल पेंशन, शौचालय, प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी अन्य बीसियों योजनाएं भी हैं।

ये वो योजनाएं हैं जो एक गरीब के जीवन में आमूलचूल बदलाव ले कर आती हैं…

आप शायद शहरी जीवन में जीते, ये महसूस न कर पाएं कि जब एक गरीब की रसोई में गैस वाला चूल्हा आ जाता है तो उसे क्या महसूस होता है… जिसने जिंदगी ही किरासन से जलने वाली डिभरी में गुज़ार दी उसके घर में जलता वो LED बल्ब 100 सूर्य के बराबर रोशनी देता है…

जिसे ज़िन्दगी में झोपड़ी तक न नसीब हुई उसे पक्के मकान में क्या सुख मिलता है, ये आप सोच नहीं सकते…

मोदी जी की सबसे बड़ी खासियत ये है कि वो न सिर्फ अच्छी योजनाएं बनाते हैं, बल्कि उन्हें बेहतर ढंग से implement भी कर लेते हैं और फिर उनका प्रचार तंत्र इतना प्रभावी है कि वो उसका प्रचार भी घर घर तक कर ले जाते हैं।

इस समय डेढ़ करोड़ मकान देश भर में बन रहे हैं… और मोदी जी इन मकानों के गृहप्रवेश कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं… इसका कितना जबरदस्त impact है गांव गांव में, इसकी शायद आपको कल्पना नहीं है।

सिर्फ इतना ही नहीं, जितने लाभार्थी हैं उज्ज्वला या आवास के… उसके 3 गुना अभी प्रतीक्षा में हैं… 5 करोड़ उज्ज्वला कनेक्शन बांटे जा चुके हैं और 3 करोड़ अभी line में हैं

उन तीन करोड़ परिवारों को आशा है कि हमको भी मिलेगा… आज नहीं कल मिलेगा… इसी तरह 8 करोड़ लोगों को आशा है कि उनका भी मकान बनेगा… आज नहीं तो कल बनेगा… पर बनेगा…

अब एक दृश्य की कल्पना कीजिये… सन 2019… मोदी जी यूपी-बिहार में कहीं रैली कर रहे हैं… वहां लोगों से हाथ उठवा के पूछते हैं…

LPG का चूल्हा मिला?
हाँ मिला…

12 करोड़ शौचालय बने?
हाँ बने…

10 करोड़ लोगों के घर बिजली से जगमग हुए?
हाँ हुए…

डेढ़ करोड़ लोगों के घर बने?
हाँ बने…

पर अभी 10 करोड़ घर बनाने बाकी हैं… बाकी लोगों ने भी फॉर्म भरे हैं न घर बनाने को? आपने फॉर्म भरा है न?
हाँ जी भरा है…

मुझे 5 साल और दीजिये… मैं इस देश के हर गरीब को घर दूंगा…

आज देश का गरीब, वो चाहे जिस पार्टी का वोटर हो, मोदी जी के इस वादे पर भरोसा करता है… मोदी जी ने ये भरोसा कमाया है…

आज देश के हर कोने में सरकारी एजेंसियां और NGOs घूम-घूम के, गांव-गांव घर-घर जा के उज्ज्वला, आवास, बीमा, पेंशन के फॉर्म भरवा रही हैं… इससे उन लोगों में आशा जागी है कि जैसे उसको मिला, मुझे भी मिलेगा…

2019 में यही आशा मोदी को जिताएगी… हर वो आदमी जिसने आवास या उज्ज्वला का फॉर्म भर दिया उसने समझो कमल का बटन दबा दिया… मोदी उसे रैली में समझा देंगे कि वो जो फॉर्म भरा था वो मकान तभी मिलेगा जब 19 में जिताओगे।

मोदी के निशाने पर वो 10 करोड़ परिवार हैं जो उज्ज्वला और आवास के लाभार्थी हैं… ये वो गरीब लोग हैं जो पारंपरिक रूप से कांग्रेस, सपा, बसपा के वोटर रहे पर अब मोदी की योजना के लाभार्थी और आशान्वित हैं… 10 करोड़ परिवार मने 20 या 30 करोड़ वोंटर… क्या इनमे 10-20% भी वोट में convert न होगा?

आशा… गरीब के मकान की आशा जिताएगी 2019…

मोदी अपने 2014 लोकसभा के 17 करोड़ वोटर की संख्या 19 में 25 करोड़ तक करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। आप दलित-सवर्ण में उलझे हैं, उधर मोदी ने नया वोटर तैयार कर लिया… गरीब

2019 मोदी का है।

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