क्या हुआ? गोरखपुर नहीं गए मीडिया के कैमरे, इस साल नहीं आया क्या जापानी इंसेफलाइटिस

एक एक वोट कीमती है… हमारे-आपके द्वारा दिया गया वोट…

सबको याद ही होगा कि गोरखपुर में खुलने जा रहे एम्स को सोनिया गांधी की यूपीए सरकार ने जबरदस्ती राय बरेली भेज दिया और समाजवादी पार्टी की अखिलेश यादव सरकार ने बिना एक पल गवाँए ज़मीन भी दे दी थी।

जबकि पूर्वांचल से लेकर बिहार के 32 जिलों को सँभालने वाले गोरखपुर को BRD मेडिकल कॉलेज के भरोसे छोड़ दिया था… मोदी सरकार आते ही गोरखपुर में एम्स की घोषणा हुई लेकिन अखिलेश यादव सरकार से 2 वर्षों तक ज़मीन नहीं दी थी।

सरकार प्रदेश में बदली और आते ही एम्स के लिए न सिर्फ ज़मीन मिली बल्कि काम भी शुरू हो गया… JE (Japanese Encephalitis) से लड़ने के लिए जिस काम को करना था उसको करने के लिए योगी आदित्यनाथ ने संसद और लखनऊ में 15 वर्षों तक लड़ाई लड़ी थी।

पिछले वर्ष जो खेल खेला गया JE से हुई बच्चों को मौत के लिए, और ऑक्सीजन सप्लाई कंपनी के पैसे रोककर, वो भी सबको पता है…

लेकिन इस वर्ष किसी का मुंह नहीं खुल रहा… क्या गोरखपुर बदल गया? क्या गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज में JE के मरीज़ नहीं आए? आखिर हुआ क्या, जो इस JE के सीज़न में इस वर्ष मीडिया के कैमरे गोरखपुर नहीं गए? क्या हुआ, जो रिपोर्ट नहीं लिखी जा रही?

कुछ तो हुआ होगा… हुआ है, बहुत कुछ हुआ है… हमारे-आपके एक-एक वोट की कीमत पूर्वी उत्तर प्रदेश से पूछो… इस वर्ष JE के सिर्फ 88 केस आए और 8 मौतें हुईं… जो कि 1978 से फैली इस महामारी में रिकॉर्ड न्यूनतम है। अगले 2 वर्षों में पूर्वांचल और गोरखपुर से JE इतिहास होगा… आखिर ऐसा हुआ क्या गोरखपुर या पूर्वांचल में?

वही हुआ जो होना चाहिए था… समय पर ईमानदारी से टीकाकरण, समय पर मच्छर से जनित इस बीमारी को काबू में रखने का ईमानदारी से उपाय, समय पर एक-एक गाँव और घर में मच्छर से बचने के उपायों को लागू करना…

समय पर मेडिकल कॉलेज और हस्पतालों में आने वाले मरीज़ों के इलाज की व्यवस्था, समय पर और प्रचुर मात्रा में दवाइयां और उपचार साधन की उपलब्धता, समय पर केन्द्र द्वारा भेजी गई इलाज की हर सुविधा को लागू करना… न ही IV की कमी, न ऑक्सीजन की कमी, न सूई, न दवा की कमी।

यही है काम करने का हठयोग… यही है हमारे-आपके वोट की ताकत… उसी वोट से बनती कर्मठ और काम के प्रति ईमानदार सरकार… हमारा-आपका वोट है मोदी – योगी की सरकार…

आजकल NOTA का बड़ा प्रचार चल रहा है… इन नोटा के वकीलों को भेज दो पूर्वांचल की जनता के हत्थे, इनके बक्कल खोल डालेगी, इनके कुत्ते फेल कर देगी… इनके घुटने तोड़ के हाथ में दे देगी… आपको भी जहाँ मिले नोटा का वकील उसके गोड्डे तोड़ के उसके हाथ में पकड़ा दो…

शर्म करो कि सब पहचानती है जनता

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