आयुर्वेद आशीर्वाद : खाँसी, नज़ला, कफ़, ज़ुकाम के लिए अचूक नुस्खा

आज मैं आपको जो नुस्खा बताने जा रहा हूँ वो आपको कहीं देखने या सुनने को नहीं मिलेगा। आज कल मौसम का बदलना, या अचानक पसीने में ठंडा पानी पीते ही ज़ुकाम हो जाना या खांसी हो जाना आम बात है।

कितनी भी पुरानी खांसी हो, या सर्दी या जुकाम के बाद की खांसी हो, बलगम वाली खांसी या सूखी खांसी कैसी भी हो, नाक बंद, ज़ुकाम, ज़ुकाम की वजह से सारे शरीर में थकावट सी महसूस होना, फेफड़ों में बढ़ा हुआ कफ, बलगम हो, इस प्रकार के किसी भी रोग में ये नुस्खा बहुत ही जबरदस्त काम करता है।

आप जितना भी परेशान हो इन समस्याओं में, जितनी भी दवाइयां खा खा कर परेशान हो, तो बस एक बार ये इस्तेमाल करके देखें। ये सब बीमारी थी भी कि नहीं पता ही नहीं लगेगा। इतने अच्छे और जल्दी से ये नुस्खा आपको ठीक कर देगा।

इस नुस्खे को बनाने के इस्तेमाल में सामग्री

1. शहद
2. पंच तुलसी अर्क
3. मकरध्वज 10 ग्राम
4. शीतोपलाधि चूर्ण
5. रस सिन्दूर 7.5 ग्राम
6. महा लक्ष्मी विलास रस 2 शीशी
7. मृग श्रृंग भस्म 10ग्राम
8. गोदन्ती भस्म 10ग्राम
9. केसर 2 ग्राम

तो दोस्तों ये सब चाहिए आपको ये नुस्खा बनाने के लिए। और ज़्यादा महँगा नहीं है शायद 1500 से 1700 रुपये तक ये आपको मिल सकता है। ये एक अनुमानित मूल्य है। ये पैसा तकलीफ के आगे कुछ भी नहीं। जिसे सांस उलझाने वाली खांसी आती हो वही जानता है कितना मन दुखी होता है उस वक़्त। जब सांस नहीं आती खांसी में।

हज़ारों रुपये लगाने के बाद भी आराम नहीं मिलता तो उनसब बातों के आगे तो ये मामूली सी रकम कुछ नही।बस तकलीफ से हमे आराम चाहिए होता है।तो दोस्तो ये नुस्खा जो मैंने आपको बताया है ये आपको ऐसी समस्या से छुटकारा दिलाएगा। आप एक बार इस्तेमाल करके तो देखिए फिर आप खुद जानेंगे आयुर्वेद की शक्ति।

अब मैं आपको बताता हूं कि इसे किस तरह से बनाना है।

मकरध्वज को कम से कम आधा घंटे तक खरल करते रहे इतना घोटें कि सीमेंट जैसा हल्का नरम लगे दिखने में, उसके बाद महालक्ष्मी विलास रस की गोलियां उसमें डालकर अच्छी तरह से खरल में घोटें।

उसके बाद उसमें रस सिन्दूर डाल कर रगड़ें, फिर उसमें मृग श्रृंग भस्म, शीतोपलाधि चूर्ण, केसर, डालकर अच्छे से मिक्स करके रख लें।

अब इन मिक्सचर को अच्छे से किसी टाइट शीशी में डालकर बंद करके रखे या दो नंबर के खाली कैप्सूल में इस दवाई को भरकर रख लेवें।

आपकी दवा तैयार है।

सेवन विधि

रोजाना सुबह शाम बड़ों के लिए अगर कैप्सूल बनाये हैं तो 2-2 कैप्सूल सुबह शाम या पाउडर ही रखा है तो एक चमच्च का तीसरा हिस्सा चूर्ण लेकर उसमें एक चमच्च शहद मिलाकर लें। और ऊपर से गर्म चाय पीयें। और उस चाय में 5 बूँद पंच तुलसी अर्क की डालें और गर्म गर्म चाय पीयें।

नोट

छोटे बच्चों को भी दे सकते हैं, बस उनकी मात्रा उनकी आयु के हिसाब से ही देवें। छोटे बच्चों को देकर ये दवा चाय पिलाकर ऊपर से माताएं बच्चों को भाप भी दे सकती हैं, उससे परिणाम आश्चर्यजनक मिलेंगे। बहुत जबरदस्त काम करेगी दवा।

गर्भवती स्त्री इसका सेवन न करें, क्योंकि ये गर्म प्रकृति की औषधि है। गर्भवती स्त्री केवल गुनगुने पानी में 2-3 बूँद तुलसी अर्क डालकर ले सकती हैं। इसके अलावा किसी भी उम्र के स्त्री पुरुष इसका सेवन कर सकते हैं।

ये तो घर में वैसे भी बनाकर रख सकते हैं यह कभी खराब नहीं होती। बस टाइट बन्द करके रखें। थोड़ा सा महसूस होते ही कि खांसी या ज़ुकाम होने वाला है उसी वक़्त लेना शुरू कर दीजिए। वहीं की वहीं तकलीफ खत्म हो जाएगी 4 या 5 दिन की खुराक में ही।

सेवन के वक़्त जरूरी सावधानियां

गर्म या गुनगुने पानी का ही सेवन करें, तेल घी, मसालों वाला खाना न खाएं, दूध अगर पीयें तो मलाई निकाल कर या कम फैट वाला दूध ही इस्तेमाल करें, खटाई न खाएं, किसी भी प्रकार की नहीं क्योंकि खटाई कफ बहुत बनाती है।

दवा के दौरान कोई भी ठंडी चीज़ों का सेवन या जिसकी तासीर भी ठंडी हो उसका सेवन न करें, अगर आपने इस दवाई के साथ साथ इन सब बातों का ध्यान में रखा तो जबरदस्त आश्चर्यजनक परिणाम आपको खुद देखने को मिलेंगे। ये मेरा खुद का आजमाया हुआ नुस्खा है और तभी मैंने आपके समक्ष रखा है।

नुस्ख़ा मंगवा भी सकते हैं अगर आपकी इच्छा हो तो इन नम्बरों पर संपर्क करें-
7206008777 – व्हाट्सएप
7988227781 – कालिंग

– वैद्य अमर वर्मा

औषधियुक्त शक्तिवर्धक आयुर्वेदिक मीठा पान

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