मुठ्ठी भर लोग जानते थे कि इतिहास से सबक मिलता है, सो इतिहास ही बदल डाला

पहले 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस की खुशी, लेकिन फिर अगले ही दिन अपने प्रिय नेता अटल जी के जाने के दुःख से उबर कर मैंने इस बार का पाञ्चजन्य पत्रिका का अंक निकाला और जो पढ़ना शुरू किया तो फिर पढ़ता ही चला गया। यह बंटवारे के आँखों देखा हाल से अटी पड़ी है। हर … Continue reading मुठ्ठी भर लोग जानते थे कि इतिहास से सबक मिलता है, सो इतिहास ही बदल डाला