याद रखो, तुम जीतोगे, क्योंकि तुम उन हरामज़ादों से बेहतर इंसान हो…

2002 जनवरी… ऑपरेशन पराक्रम… हमारी रेजिमेंट स्ट्राइक कोर की आर्मर्ड रेजिमेंट थी जो पाकिस्तान सीमा पार करने की तैयारी कर रही थी। मुझे याद है, उस शाम हमारे कर्नल ऑफ द रेजिमेंट, जनरल सिंह हमारे मेस में आये थे (नाम असली नहीं है, स्वाभाविक कारणों से)। (एक प्रश्न उठेगा, पहले ही दूर कर देता हूँ। … Continue reading याद रखो, तुम जीतोगे, क्योंकि तुम उन हरामज़ादों से बेहतर इंसान हो…