वे पंद्रह दिन : 14 अगस्त, 1947

कलकत्ता… गुरुवार। 14 अगस्त। सुबह की ठण्डी हवा भले ही खुशनुमा और प्रसन्न करने वाली हो, परन्तु बेलियाघाट इलाके में ऐसा बिलकुल नहीं है। चारों तरफ फैले कीचड़ के कारण यहां निरंतर एक विशिष्ट प्रकार की बदबू वातावरण में भरी पड़ी है। गांधीजी प्रातःभ्रमण के लिए बाहर निकले हैं। बिलकुल पड़ोस में ही उन्हें टूटी–फूटी … Continue reading वे पंद्रह दिन : 14 अगस्त, 1947