आज अनुपयोगी हो गयी है शालीनता

कबाब पराँठा, बिरयानी, रोग़न जोश संभवतः बहुत स्वादिष्ट होते हैं। मैं इसका अधिकारी पारखी नहीं हूँ मगर इस निष्कर्ष पर पहुँचने का कारण यह है कि आज के दैनिक जागरण में कुलदीप नैयर का लेख ‘हद पार करती भीड़ की हिंसा’ छपा है। इस लेख में नैयर ने अलवर के गौतस्कर अकबर के वध के … Continue reading आज अनुपयोगी हो गयी है शालीनता