पहचानिए, आपके सर पर मँडरा रहा है कौन सा खतरा

एक दवा है ‘वर्फ़रिन’. कार्डियोलॉजी में बहुत इस्तेमाल होती है. यह खून का जमना रोकती है।

यानि अगर कहीं ब्लड क्लॉट बना हो तो उसे इस दवा से गलाया जाता है, या कहीं क्लॉट बनने का खतरा हो तो उसे रोका जाता है।

जैसे किसी को अनियमित हृदय गति की बीमारी हो (Atrial fibrillation) तो उसके हार्ट के चैम्बर में खून के जमने का खतरा होता है। वहाँ से निकल कर ये क्लॉट ब्रेन में जा सकता है और यह स्ट्रोक का कॉमन कारण है।

कभी कभी किसी को पैर की रक्त शिराओं में खून जमने की शिकायत होती है (Deep Vein Thrombosis) जहाँ से खून का थक्का फेफड़े में जा सकता है और यह जानलेवा हो सकता है (Pulmonary Embolism)। ऐसी स्थितियों में यह वर्फ़रिन काम की चीज है.

पर वर्फ़रिन के अपने नुकसान हैं। यह रक्तस्राव कराता है। नाक से खून बहना, पेट में अमाशय में खून बहना, ब्रेन हैमरेज… इस दवा के खतरनाक साइड इफ़ेक्ट हो सकते हैं… जानलेवा भी।

इसलिए इस दवा का लेवल ध्यान से मॉनिटर करना होता है। उस पर भी हर छोटी बड़ी चीज से इसका स्तर बदलता रहता है। चीज़, फलों के जूस, वाइन से, बहुत सी एंटीबायोटिक से इस दवा का लेवल खतरनाक तरीके से बढ़ जाता है…

और जानते हैं यह दवा कहाँ से आई है? यह दवा चूहे मारने की दवा के रूप में जानी जाती है। इंग्लैंड में तो हर मरीज़ वर्फ़रिन को रैट-पॉइज़न के रूप में ही पहचानता है।

भारत में अगर मैं किसी मरीज को यह दवा लिखूँ और उसे यह बात बता दूँ तो मुझे सरे बाज़ार जूते पड़ेंगे। पब्लिक कहेगी, डॉक्टर ने मुझे चूहे मारने की दवा दे दी। पर मैं यह दवा लिखता हूँ और सोच समझ कर लिखता हूँ।

मुझे सोचना होता है कि मरीज को किस बात का रिस्क ज़्यादा है? उसे खून के जमने से ज्यादा खतरा है, स्ट्रोक का या पल्मोनरी एम्बोलिज़्म का खतरा ज़्यादा है या खून बहने से मरने का खतरा ज़्यादा बड़ा है?

अगर स्ट्रोक का खतरा खून बहने के खतरे से ज्यादा बड़ा दिखाई देता है तो यह दवा, चूहे मारने का ज़हर मैं आदमी को प्रेस्क्राइब करता हूँ और रोज़ दो चार लोगों को प्रेस्क्राइब करता हूँ। क्योंकि मैं रिस्क-बेनिफिट का गणित नहीं भूलता।

कल एक व्यक्ति ने रोष व्यक्त किया… मोदी सवर्णों को ज़हर दे रहा है। हर दवा ज़हर होती है। सोच लें आप, आपको किस बात से ज्यादा खतरा है? किस बात की संभावना ज़्यादा है?

मोदी के राज में आपको एससी/एस टी एक्ट में जेल जाने का ज़्यादा डर है या काँग्रेस के राज में मुल्लों से काटे जाने का? कौन सा खतरा थ्योरेटिकल रिस्क है और कौन आपके सर पर मँडरा रहा है?

जो लड़ाई का मैदान चुनता है, वही जीतता है लड़ाई

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