यह ढोंग ही चरित्र है उनका, ज़रूरी है इसे समझना और स्पष्ट विरोध करना

क्या आप को Refugee और Migrant तथा Immigrant में क्या फर्क है यह पता है?

Migrant तथा Immigrant के लिए इंग्लिश अर्थ देखिये और समझिये, क्योंकि हिन्दी अर्थ बात को गोल कर के झोल कर देता है।

Refugee का अर्थ होता है – A person who has been forced to leave their country in order to escape war, persecution, or natural disaster.

याने refugee वो होता है जिसे युद्ध, प्रताड़णा या प्राकृतिक आपदा से बचने के लिए अपना देश छोड़ना पड़ा है।

मतलब refugee अन्यत्र शरण मांग रहा है, वो ही शरणार्थी कहलाने योग्य है।

अब देखते हैं Migrant – A person who moves from one place to another in order to find work or better living conditions.

इसका अर्थ यह होता है कि काम या जीने की बेहतर व्यवस्था की खोज में स्थलान्तर करनेवाला व्यक्ति।

शब्दकोश में इसके जो अर्थ है वे इस प्रकार हैं – noun : औपनिवेशिक, प्रवासी (m), फिर adjective : घुमंतू, ख़ानाबदोश, मौसिमी, यात्री।

अब ये बताएं, क्या इनमें से कोई भी शब्द से ‘काम या जीने की बेहतर व्यवस्था की खोज में स्थलान्तर करनेवाला व्यक्ति’ का बोध होता भी है ?

अब Immigrant का अर्थ देखते हैं, जो है – A person who comes to live permanently in a foreign country.

याने ऐसा व्यक्ति जो दूसरे देश में हमेशा के लिए रहने आया है।

शब्दकोश में Immigrant का अर्थ है noun : प्रवासी नागरिक, अप्रवासी (m), देशान्तरवासी, परदेशी, किसी देश में जाने वाला, परदेशवासी। Adjective : प्रवासी नागरिक का, आप्रवासी का, परदेशवासी का, आप्रवासी।

इनमें से कौन सा अर्थ है जो कहता है ‘ऐसा व्यक्ति जो दूसरे देश में हमेशा के लिए रहने आया है’?

तो मित्रों, अब तक आप को Refugee, Migrant और Immigrant का फर्क समझ में आ गया होगा। चलिये, अब कुछ तथ्यों को समझते हैं –

पूर्व पाकिस्तान में भाषिक और वांशिक वर्चस्ववाद दिखते हुए मुसलमानों ने मुसलमानों का Genocide करना शुरू किया था जिसके कारण पूर्व पाकिस्तान के मुसलमानों को पश्चिम पाकिस्तान के मुसलमानों से मुक्ति चाहिए थी। तब वे शरणार्थी बनकर भारत में शरण मांगने आए। वहाँ तक उन्हें शरणार्थी कहना गलत नहीं था।

फिर इन्दिरा गांधी ने हमारे सैनिकों के प्राणों की बलि देकर उनके रक्त से पूर्व पाकिस्तान को धोकर बांगलादेश बनाकर एक सुरक्षित देश वहाँ के मुसलमानों के सुपुर्द किया।

अब उन शरणार्थियों के लिए उनका घर, उनकी भूमि सुरक्षित कर दी थी हिंदुस्तान ने, अपने सैनिकों के बलिदान से।

क्या वे अपने घरों को लौट गये हैं? या और भी आते रहे?

क्या अब उन्हें शरणार्थी कहा जा सकता है? क्या वे शरणार्थी – refugee कहलाने के योग्य हैं? या जमीन कब्जाने में वे काम आते हैं इसलिए उन्हें शरणार्थी न कहकर ‘क्षरणार्थी’ क्यों न कहा जाये?

डॉ नारंग के हत्यारे यही illegal ‘शरणार्थी – क्षरणार्थी’ थे, याद तो होगा?

नोएडा महागुण सोसायटी के दंगाई भी यही illegal ‘शरणार्थी – क्षरणार्थी’ थे।

अब जो शरणार्थी की व्याख्या दी है उसके हिसाब से कोई कहने जरूर आयेगा कि क्या रोहिंग्या शरणार्थी नहीं?

उसको उत्तर एक ही है कि उनके कारनामे देखिये, उनका इतिहास देखिये जिसके कारण म्यांमार की बौद्ध प्रजा भी उनपर शस्त्र उठाने के लिए एकजुट हुई। वहाँ उन्होंने निर्दोष हिंदुओं का नरसंहार किया है केवल उनकी ज़मीन कब्ज़ाने के लिए। उनकी महिलाओं पर जो अत्याचार किए हैं, वे भी बाहर आ रहे हैं।

क्या उनको शरण देने की मूर्खता करनी चाहिए? एक उम्मत का नारा लगाने वाले सम्पन्न मुस्लिम देश क्यों उन्हें अपने यहाँ नहीं बसाते?

यह ढोंग ही चरित्र है उनका, यही समझना जरूरी है, और स्पष्टता से विरोध करना भी।

जहां मौका मिले, प्रकट हो ही जाता है उनके भीतर का पशु

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY