क्या आपको आता है करेला खाने का सही तरीका?

करेला कैसे खाएं

हमारे शरीर में छ: रस चाहिए – मीठा, खट्टा, खारा, तीखा, कषाय और कड़वा। पांच रस, खट्टा/खारा/तीखा, तो बहुत खाते हैं लेकिन कड़वा नहीं खाते हैं। कड़वा कुदरत ने करेला बनाया है लेकिन करेले को निचोड़ के उस की कड़वाहट निकाल देते हैं। करेले का छिलका नहीं उतारना चाहिए और उसका कड़वा रस नहीं निकालना चाहिए। हफ्ते में, पन्दरह दिन में एक दिन करेला खाना तबियत के लिए अच्छा है।

करेले का स्वाद भले ही कड़वा हो, लेकिन सेहत के लिहाज़ से यह बहुत फायदेमंद होता है। करेले में अन्य सब्ज़ी या फल की तुलना में ज़्यादा औषधीय गुण पाये जाते हैं। करेला खुश्क तासीर वाली सब्ज़ी है। यह खाने के बाद आसानी से पच जाता है। करेले में फास्फोरस पाया जाता है जिससे कफ की शिकायत दूर होती है। करेले में प्रोटीन, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट, फास्फोरस और विटामिन पाया जाता है। आइए हम आपको कड़वे करेले के गुणों के बारे में बताते हैं।

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करेला खाने के लाभ

1) कफ की शिकायत होने पर करेले का सेवन करना चाहिए। करेले में फास्फोरस होता है जिसके कारण कफ की शिकायत दूर होती है।

2) करेला हमारी पाचन शक्ति को बढ़ाता है जिसके कारण भूख बढ़ती है।

3) करेला ठंडा होता है, इसलिए यह गर्मी से पैदा हुई बीमारियों के उपचार के लिए फायदेमंद है।

4) दमा होने पर बिना मसाले की छौंकी हुई करेले की सब्ज़ी खाने से फायदा होता है।

5) लकवे के मरीजों के लिए करेला बहुत फायदेमंद होता है। इसलिए लकवे के मरीज को कच्चा करेला खाना चाहिए।

6) उल्टी-दस्त या हैजा होने पर करेले के रस में थोड़ा पानी और काला नमक मिलाकर सेवन करने से तुरंत लाभ मिलता है।

7) लीवर से संबंधित बीमारियों के लिए तो करेला रामबाण औषधि है।

8) जलोदर रोग होने पर आधा कप पानी में 2 चम्मच करेले का रस मिलाकर ठीक होने तक रोजाना तीन-चार बार सेवन करने से फायदा होता है।

9) पीलिया के मरीजों के लिए करेला बहुत फायदेमंद है। पीलिया के मरीजों को पानी में करेला पीसकर खाना चाहिए।

10) डायबिटीज़ के लिए करेला रामबाण इलाज है। करेला खाने से शुगर का स्तर नियंत्रित रहता है।

11) करेला खून साफ करता है। करेला खाने से हीमोग्लोबिन बढ़ता है।

12) बवासीर होने पर एक चम्मच करेले के रस में आधा चम्मखच शक्कर मिलाकर एक महीने तक प्रयोग करने से बवासीर की शिकायत समाप्त हो जाती है।

13) गठिया रोग होने पर या हाथ-पैर में जलन होने पर करेले के रस से मालिश करना चाहिए। इससे गठिया के रोगी को फायदा होगा।

14) दमा होने पर बिना मसाले की करेले की सब्ज़ी खाना चाहिए। इससे दमा रोग में फायदा होगा।

15) उल्टी, दस्त और हैजा होने पर करेले के रस में थोड़ा पानी और काला नमक डालकर पीने से फायदा होता है।

16) करेले के रस को नींबू के रस के साथ पानी में मिलाकर पीने से वज़न कम किया जा सकता है।

– आचार्य बालकृष्ण के लेख से साभार

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