अविश्वास प्रस्ताव: फिर रिकॉर्ड तोड़ेगी लोकसभा चैनल की TRP, और मोदी की लोकप्रियता

मुझे तो नाम सुन कर ही डर लग रहा है। मुझे क्या, आज तो पूरी भाजपा और खुद मोदी जी को डर लग रहा होगा।

आज तो मोदी गियो, आज तो सरकार गिरेगी पक्का, अब खुश, जाओ ऐश करो, क्योंकि खुशी सिर्फ कुछ घंटों की है।

पता नहीं विपक्ष की बुद्धि घास चरने गयी हैं, या सत्ताच्युत होने से बिल्कुल बौरा गए हैं, बहरहाल जो भी हो इस अविश्वास प्रस्ताव (अविश्वास प्रस्ताव) का औचित्य तो कहीं से भी समझ नहीं आता। अलबत्ता इस अविश्वास प्रस्ताव से भाजपा को चौतरफा फायदा मिलेगा, साथ ही पार्टी को 5 – 6 हज़ार करोड़ रूपए की बचत भी हो जाएगी।

1. पहली बात तो ये कि BJP अकेले ही बहुमत के आंकड़े के पार बैठी है, ऐसे में बहुमत में कहीं कोई दिक्कत नहीं है, यदि यही संख्या 250 के आस पास होती तब एक बार को दिक्कत हो सकती थी, लेकिन यहाँ तो स्पष्ट बहुतमत अकेले की दम पर है।

2. यदि अविश्वास प्रस्ताव को सभापति स्वीकार नहीं करते तो दुबला पतला विपक्ष, जो मोदी की फूंक मारने से उड़ जाए, कल को कहता ‘डर गए मोदी वर्ना हम पछाड़ देते सरकार गिरा देते’।

अपनी झूठी शान बघारते इसलिए आज 56 इंच का मुकाबला 5 mm के दिमाग वालों से है। यकीनन मोदी जी ने खुद इस अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकारने को कहा होगा।

3. अब जब सदन में अविश्वास प्रस्ताव आएगा तो बहस भी होगी। जब बहस होगी तो विपक्ष को सरकार पर आरोप लगाने होंगे कि क्यो और कैसे सरकार फ़ेल है, उसके मंत्री और मंत्रालय फ़ेल हैं, और इसका जवाब सरकार को देने का पूरा मौका मिलेगा।

यानी आज सरकार अपनी 4 साल की उपलब्धियों को गिना सकती है, और पूरे देश की जनता के सामने अपनी बात व उपलब्धियां रख सकती है। मने जिस काम के लिए विज्ञापन करना पड़ता 5-6 हज़ार करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते, वो आज फ्री में हो जाएगा।

4. यदि कोई पार्टी जैसे कि शिवसेना विपक्ष के साथ खड़ी होती है तो जनता के मन मे स्वाभाविक सी प्रतिक्रिया के तहत मोदी के प्रति सहानभूति और उस पार्टी के प्रति नकारात्मक भाव उत्पन्न होगा। यानी ऐसी पार्टी अपनी ही कब्र खोदेंगी, अभी चुनाव दूर है पर narrative अभी से बनना शुरू हो जाएगा ऐसी पार्टियों के खिलाफ।

5. यदि कोई विपक्षी पार्टी जैसे नीतीश की JDU सरकार के समर्थन में आती है या तटस्थ रहती है तो ऐसे में मोदी देश को एक मैसेज देने में कामयाब होंगे कि विपक्ष एकजुट नहीं है और मोदी का कोई विकल्प है ही नहीं।

इसे BJP की मॉरल विक्ट्री (नैतिक विजय) भी माना जायेगा और कार्यकर्ताओं का आत्मविश्वास आसमान पर पहुँच जाएगा जिसका फायदा आने वाले चुनावों में मिलेगा।

6. विपक्ष कितना कमज़ोर है अभी तक ये बंद मुट्ठी की बात थी, एक राज़ था। किन्तु आज के अविश्वास प्रस्ताव से मुट्ठी खुल जाएगी और पोल भी खुल जाएगी, और विपक्ष बहुत ही दुर्बल और असहाय नज़र आएगा।

इसका परिणाम सीधे तौर पर आने वाले चुनावों पर पड़ेगा, और मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में भाजपा फिर से सत्ता में वापसी करेगी क्योकि हारे हुए घोड़े पर कोई दांव नहीं लगाता।

कुल मिला कर इस अविश्वास प्रस्ताव से विपक्ष के हाथ कुछ नहीं लगने वाला बल्कि इसके उलट इसका पूरा फायदा मोदी सरकार को मिलता दिख रहा है। मुझे तो ऐसा लग रहा है जैसे खुद मोदी जी ने विपक्ष से कहा हो अविश्वास प्रस्ताव लाओ।

आज की लोकसभा चैनल की TRP एक बार फिर रिकॉर्ड तोड़ेगी, और रिकॉर्ड तोड़ेगी मोदी की लोकप्रियता। मोदी बहुत ऊंचे खिलाड़ी हैं, विपक्ष उनकी चाल ही समझ नहीं पा रहा। मोदी जैसे चाह रहे हैं वैसे नचा रहे हैं विरोधियों को और उन्हें इसका आभास तक नहीं होने दे रहे।

भाई ये सब देख कर तो लगता है 2019 लोकसभा चुनाव में 350 क्या 400 सीट भी पार हो जाये तो कोई बड़ी बात नहीं, और बाद में गिना-चुना, बचा-कुचा, रहा-सहा विपक्ष EVM पर छाती पीटेगा।

हाँ मुझे प्यार हुआ प्यार हुआ अल्लाह मियां

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