माँ की रसोई में पाव भर भाजी में भी मन जाती है पार्टी!

छोटे बेटे गीत के जन्मदिन पर गाँव से बुआ सास भी आई हुई थीं। पूछने लगीं क्या बना रही हो बेटे के जन्मदिन पर, पूड़ी तो बनेगी ही।

मैंने कहाँ नहीं फई बा गीत बाबू बहुत दिनों से पाव भाजी खाने को कह रहे हैं, वही बना रही हूँ।

ओ मोरी मताई!! पाव भर भाजी में सबको खिला दोगी?

हाँ फई बा, सब खाएंगे, वो भी ऊँगलियाँ चाट चाट कर और उसके बाद भी बच जाएगी…

लाओ फिर तोड़ दूं भाजी…

अब पाव भर भाजी तोड़ने में कितना टाइम लगता है बुआ, रहने दो मैं तोड़ लूंगी…

और जब पाव भाजी के लिए भाजी बनाई तो लहसुन अदरक की खुशबू से पूरा घर महक गया…

लहसुन खूब डालना पड़ता है भाजी में, फईबा अपने सासुमाँ वाले अंदाज़ में बोलीं क्योंकि उन्हें लहसुन अधिक पसंद नहीं…

बस फई बा बन ही गयी है, अभी गैस बंद करती हूँ…

हाय सच्ची इतनी जल्दी बन भी गयी? भाजी के साथ क्या रोटी खिलाओगी सबको, पूड़ी नहीं बनाओगी बेटे के जन्मदिन पर….

नहीं फई बा, आजकल ने नए ज़माने के बच्चे हैं, रोटी-पूड़ी नहीं खाते, पाव से खाएंगे…

फई बा अपनी चिर परिचित हंसी में बोली हम भी अब इतने गाँव वाले नहीं रहे, हमें भी पता है घर में पाव भाजी बनी है. लेकिन ये बात तो सच है तुम्हारी सास ने जब पहली बार पाव भाजी बनाई थी तब हमने यही पूछा था – पाव भर भाजी में घर भर को खिला दोगी 🙂

ऐसे ही कुछ किस्से बनते रहते हैं घर में खाना बनाते हुए, तो सारी व्यस्तता के बावजूद पता ही नहीं चलता इतने सब लोगों का खाना कब बन गया… आइये आपको भी बताते हैं इंस्टेंट पाव भाजी बनाने का तरीका।

जब बच्चे सब्ज़ी- रोटी खाने में नखरे करें तो ज़रूरी नहीं उनको चाइनीज़ या इटैलियन खाना ही खिलाया जाए… सारी सब्ज़ियों के गुण लिए पाव भर भाजी भी बहुत स्वादिष्ट और पौष्टिक होती है।

सबसे पहले आवश्यकता अनुसार गोभी, पत्ता गोभी, शिमला मिर्च, गाज़र, मटर और आलू को धो छीलकर और बड़े टुकड़ों में काटकर कुकर में दो सीटी ले लें।

दो बड़े प्याज़, दो बड़े टमाटर को बारीक काटकर दो बड़े चम्मच तेल में पका लें।

पकाते समय ही उसमें दो छोटी चम्मच लहसुन अदरक का पेस्ट, एक चम्मच हल्दी, आधा चम्मच लाल मिर्च, आधा चम्मच गरम मसाला, एक चम्मच पाव भाजी मसाला डालकर उबली सब्ज़ियाँ अच्छे से मैश करके साथ में कुछ देर पका लें।

लीजिये आपकी भाजी तैयार है।

अब आप कहेंगे ऐसे तो हम भी बनाते हैं, ऐसा क्या विशेष बताना था जो इतनी बातें बनाई…

तो रुकिए जनाब अभी इसमें मैं अपना एक जादुई तड़का और लगाती हूँ।

एक बड़े चम्मच मक्खन को गर्म कर उसमें एक चम्मच जीरावन, बारीक कटा हरा धनिया, बारीक कटी हरी मिर्च डालकर यह तड़का तैयार भाजी में डाल दीजिये।

अब चखिए अपनी भाजी, स्वाद दोगुना न हो गया तो कहना।

– माँ की रसोई से

माँ की रसोई से गुजराती रेसिपी : આમ નો ફજીતો (आम का फजीता)

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