प्राणायाम : मस्तिष्क सम्पादन से दिव्य क्षमताओं, अतीन्द्रिय सामर्थ्यों का बनें स्वामी

जीवन के हर क्षेत्र को मस्तिष्क प्रभावित करता है। उसके स्तर के अनुरूप शारीरिक स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव आते रहते है। मनोविकार स्वास्थ्य को गिराने और व्यक्तित्व को हेय बनाने के प्रधान कारण होते हैं। इसी प्रकार किसी के व्यक्तित्व की-गुण, कर्म, स्वभाव की दिशाधारा इसी आधार पर बनती है कि मस्तिष्क को किस प्रकार प्रशिक्षित … Continue reading प्राणायाम : मस्तिष्क सम्पादन से दिव्य क्षमताओं, अतीन्द्रिय सामर्थ्यों का बनें स्वामी