नए अवसर पैदा कर रहा है मशीन, प्लेटफॉर्म और जनसमूह का मिलन

बिजली का अविष्कार होने के बाद भाप की शक्ति से चलने वाली फैक्टरियों के मालिक ने बिजली से संचालित मशीनों को लगाने में आना-कानी की।

आखिरकार वे भाप से ऊर्जावान मशीनों के विशेषज्ञ थे, सस्ते में कोयला और लेबर मिलता थी, सस्ते में उत्पादन हो रहा था; उत्पादन और बाजार पर एकाधिकार था। अतः अपनी कार्यपद्धति क्यों बदली जाए; क्यों नयी मशीनों में निवेश किया जाए।

भाप से संचालित मशीनों के तहखाने में एक बड़ा सा बॉयलर लगा होता था जिससे निकलती भाप एक एक्सेल या शाफ्ट को घुमाती थी और उस शाफ़्ट के द्वारा सभी मशीनों को संचालित किया जाता था।

लेकिन बिजली से संचालित मशीनों ने कुछ ही समय में उत्पादन की प्रक्रिया ही बदल दी। अब पावर किसी स्टीम इंजन से नहीं निकलती थी, बल्कि फैक्टरी की हर मशीनों में एक छोटी सी बिजली की मोटर लगा दी गई थी।

यह नहीं होता था कि अगर तहखाने में स्थित केंद्रीय मोटर खराब हो गई हो तो पूरे फैक्ट्री का उत्पादन रुक जाए। आप किसी भी मशीन को कुछ समय के लिए रोक कर उसकी रिपेयर या सर्विस कर सकते थे, या अगर मांग कम है तो कुछ मशीनों को चला सकते थे या फैक्ट्री में कुछ मशीनों का मॉडल बदल सकते थे।

इस अविष्कार ने कुछ ही समय में उन सभी उद्यमियों को पछाड़ दिया जो बदलाव का विरोध कर रहे थे। ऐसा नहीं था कि वे बदलना नहीं चाहते थे। लेकिन भाप से चलने वाली मोटर पर आधारित ज्ञान और बाजार पर अपनी पकड़ के बारे में उन्हें विश्वास था और बदलाव को लेकर आशंका थी। यथास्थिति बनाए रखना चाहते थे।

इसी प्रकार, 21वीं शताब्दी में डिजिटल तकनीकी और मानवीय बुद्धिमत्ता मिलकर नए उत्पादों और प्रक्रियाओं का आविष्कार कर रही है। उदाहरण के लिए 3D प्रिंटिंग, स्वचालित कार, कंप्यूटर मॉडल पर आधारित एयरप्लेन और कार की डिज़ाइन, और मौसम की जानकारी को ले सकते हैं।

मानवीय बुद्धि और डिजिटल तकनीकी से मिलकर निकले उत्पाद एक प्लेटफार्म बना रहे हैं जो हमारे कार्य और व्यवसाय की पद्धति को बदल रहे हैं।

उदाहरण के लिए गूगल एक प्लेटफार्म है जिससे हम किसी भी पुस्तक या समाचार पत्र पढ़ सकते हैं या जानकारी को ले सकते हैं। इसी तरह उबेर एक प्लेटफार्म है जिससे कोई भी कार मालिक अपनी कार को टैक्सी के रूप में चला सकता है।

अमेजन के प्लेटफार्म से हम कोई भी वस्तु बेच या खरीद सकते हैं। Air BNB एक प्लेटफार्म है जिससे कोई भी मकान मालिक जुड़ सकता है और अपने मकान को एक होटल के रूप में प्रयोग कर सकता है।

अंत में इस डिजिटल मशीन और प्लेटफार्म ने जन समूह से जुड़कर इस युग के उत्पाद, व्यवसाय और सर्विस को रातों रात बदल दिया है।

उदाहरण के लिए जनसमूह अपनी राय तुरंत सोशल मीडिया के द्वारा देता है जिससे राजनीतिज्ञों को अपनी नीतियां बदलनी होती है। इसका प्रभाव यूरोप के कई देशों में दिखाई दे रहा है। इसी तरह जनसमूह की फीडबैक से कई सॉफ्टवेयर, उत्पाद, मशीनें, न्यूज़ और निवेश के मॉडल बदल दिए।

मशीन, प्लेटफॉर्म और जनसमूह के मिलन का एक प्रमुख उदाहरण क्रिप्टो करेंसी या बिट कॉइन है। बिना किसी सरकार या संस्था के, कंप्यूटर (मशीन) ने इंटरनेट और ब्लॉकचेन के प्लेटफार्म का प्रयोग करके जनसमूह के साथ मिलकर बिट कॉइन को पॉपुलर बना दिया।

यही हाल एंड्राइड का है जिसका कोई भी सेल फोन कंपनी फ्री में प्रयोग कर सकती है और फ्री में एप डेवलप कर सकती है। जनसमूह ने इस फोन और तकनीक का प्रयोग करके इसे एप्पल से भी बड़ा बना दिया।

एक देशी उदाहरण आधार कार्ड का है। कंप्यूटर ने डिजिटल पहचान का प्रयोग करके आधार का प्लेटफॉर्म तैयार किया। उस आधार ने जनसमूह से मिलकर भारत के हर क्षेत्र में क्रांति ला दी, चाहे वह बैंक अकाउंट खोलना हो, टैक्स भरना हो, सब्सिडी देना हो, मुद्रा लोन लेना हो।

जब तक मशीनें अलग-थलग काम कर रही थी या फिर उनका जनसमूह से कोई वास्ता नहीं था, तब तक उनकी हालत भाप के इंजन से चलने वाली मशीनों जैसी थी। लेकिन मशीन, प्लेटफॉर्म और जनसमूह के मिलन ने विद्युत से चलने वाली छोटी मोटर जैसी क्रांति ला दी है जिसने ना केवल फैक्ट्री के डिजाइन और उत्पादन की प्रक्रिया बदल दी, बल्कि उत्पादों को और सस्ता कर दिया।

अभी तो इस मिलन ने सिर्फ थोड़ी सी उथल-पुथल मचाई है। आने वाले कुछ ही वर्षों में हर वस्तु, उत्पाद और सेवा का स्वरुप बदल जाएगा।

उस युग में भारत का उदय करने के लिए केवल एक ही लीडर के पास विज़न, रोडमैप और दृढ़ इच्छा शक्ति है। वह व्यक्ति है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY