बहुत हुआ! अब वक्त है कि हो ‘डायरेक्ट एक्शन इन कश्मीर’

देश का अस्तित्व बचाना, पार्टी बचाने से भी बड़ी जिम्मेदारी है.

विश्वास मानिए, कश्मीर घाटी में खोने के लिये ज़्यादा कुछ बचा नहीं है… न देश के लिए… न आपकी पार्टी के लिए…

कभी-कभी देश के लिए भी पूरी भावुकता के लिए विचार करना चाहिए! नफा-नुकसान से ऊपर है यह हमारा खूबसूरत देश…

आज कश्मीर घाटी बागी हो चुकी है, गद्दार कहना ज़्यादा उपयुक्त होगा…

ये वही गद्दार लोग हैं, जो देश के समस्त संसाधनों का हर प्रकार दोहन करने के बाद निज़ामे-मुस्तफा और पाकिस्तान के लिए हमसे लड़ते आ रहे हैं.

1947 के बाद से कश्मीर घाटी में प्राण होम करने वाले सैनिकों की संख्या शायद एक लाख पार करने वाली होगी…

हमने 370 दी, 35 A दिया, खरबों रुपया दिया, लाखों नौकरियां दीं, वह सब दिया जो हम शेष भारत को नहीं दे सके… मग़र घाटी के पहाड़ों, नदियों और अचल वस्तुओं को छोड़, हर शय ने हम भारतीयों को धोखा दिया…

विश्वास मानिए… सैकड़ों बार के आज़माए हुए को मत आज़माइए… सदैव धोखा और सैनिकों की लाशें ही मिलेंगी…

उपाय कीजिए…

1. घाटी का राजनीतिक नेतृत्व भारत विरोधी, पाकिस्तान और आतंक समर्थक है… देश के गद्दारों के लिए जेलें नहीं होती, उनकी जगह ज़मीन में 4 फिट नीचे है… यदि देश बचाना है तो यह ज़रूरी कदम है… सेना आपके अधीन है…

2. घाटी के जनमानस को मज़हबी योद्धाओं में बदल दिया गया है, इसमें मस्जिदों, इमामों और मौलानाओं का पूरा योगदान है. इन मस्जिदों का राष्ट्रीयकरण हो… मस्जिदों की छतों पर सैनिक चौकियां और बैरकें बनाई जाएं… मस्जिदों से लाऊड स्पीकर हटाए जाएं… एक विपरीत उपाय यह है कि घाटी के सिनेमाघर फिर खोले जाएं… नौजवानों का मस्तिष्क जेहादी कट्टरता से हटाया जाए…

3. कश्मीर के स्कूल-कॉलेज और सरकारी कार्यालय, भारत विरोध के अड्डे हैं, पूरी अध्यापक बिरादरी बच्चों को नर्सरी से ही भारत और हिन्दू विरोध सिखाते हैं… इन अध्यापकों-कर्मचारियों को घाटी के बाहर ट्रांसफर किया जाय… जो बाहर जाने से इनकार करें उन्हें बर्खास्त-सस्पेंड करें…

4. घाटी में बिजली, गैस, ईंधन, खाद्य पदार्थों की राशनिंग कीजिए… राशन के लिए लाइन में लगने वाले लोग पत्थरबाज़ी और ग्रेनेड फेंकने के योग्य नहीं रहेंगे… केंद्र की सभी विशेष योजनाएं 3 वर्षों के लिए स्थगित की जाएं…

5. अनुच्छेद 35 A तुरंत हटाया जाए… कश्मीर की दोहरी नागरिकता, दो झंडे समाप्त होंगे… शेष भारत के सरकारी-प्राइवेट कर्मचारियों-अधिकारियों की नियुक्ति घाटी में हो…

6. घाटी सहित यदि ज़रूरत हो तो पूरे देश मे इमरजेंसी लगाएं… क्योंकि लगभग यही स्थिति बंगाल और केरल में सन्निकट है…

7. कश्मीर का संविधान खत्म करें… तदोपरांत जम्मू कश्मीर के 4 हिस्से, लद्दाख, जम्मू, घाटी और कारगिल करें… घाटी और कारगिल को केंद्र शासित बनाएं… कुछ समय जम्मू-कश्मीर की न्यायायिक व्यवस्था पंजाब और हिमाचल के न्यायालयों के हवाले कर दें…

8. कश्मीर पूर्णतया आर्मी के हवाले हो, सभी व्यवस्था आर्मी संभालने में सक्षम है…. राज्यपाल वगैरह को हटाया जाए…

प्रधानमंत्री जी, अब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी है… सामान्य उपाय भोथरे साबित होंगे… विश्व में उपरोक्त उपायों के उदाहरण बिखरे पड़े हैं… यदि सैनिकों और नागरिकों की बढ़ती जनहानि रोकनी है… कश्मीर बचाना है तो यह उपाय करने होंगे…

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY