व्यंग्य : ज्ञान की ठसक से मोदी जी को सबक

सुनो.. क्या कर रहे हो.. सुन रहे हो क्या..

क्या है.. क्यों चिल्ला रही हो.. देख नहीं रही मैं पोस्ट लिख रहा हूँ.. जिन कामों के लिए वोट दिया था वो तो कुछ हो नहीं रहे.. अब मैं रोज़ मोदीजी की धज्जियाँ उड़ा रहा हूँ..

धारा 370 नहीं हटी.. कश्मीर की समस्या हल नहीं हुई.. राम मंदिर नहीं बना.. कश्मीर में रोज़ हमारे सैनिक शहीद हो रहे हैं.. और ये सरकार कभी ऑपरेशन बंद कर देती है तो कभी तीन तलाक़ बंद करवा देती है.. कॉमन सिविल कोड पर कुछ नहीं हुआ है.. मोदी जी को सेकुलरिज़म का भूत सवार हो गया है और मैं इस भूत को उतारकर ही दम लूँगा..

अरे लेकिन सरकार काम तो कर ही रही है न.. इस बात का दुःख है कि हमारे सैनिक शहीद हो रहे हैं.. घायल हो रहे हैं.. लेकिन हमारे इन्हीं जाँबाज़ सैनिकों ने 300 से ज़्यादा आतंकी भी तो मार दिए हैं.. पहले की सरकारों में इतनी छूट मिली थी क्या सेना को?? पाकिस्तान की भी गोली का जवाब गोले से दिया जा रहा है.. रही बात कश्मीर की, धारा 370 की.. राम मंदिर की तो इनका हल भी निकल ही जायेगा.. दूसरी बार ही तो हिम्मती.. राष्ट्र हितैषी सरकार बनी है… थोड़ा वक़्त दो सब ठीक हो जाएगा…

इसके अलावा आप देखो कितना काम हुआ है.. रेल दुर्घटनाओं में ज़बरदस्त कमी आई है.. देश में कहीं भी आतंकी हमले नहीं हो पा रहे.. फल सब्ज़ियों.. दालों.. रोज़मर्रा के सामानों के दाम काबू में हैं.. दुनिया भर में भारत की साख बढ़ी है.. गाँव गाँव बिजली पहुँची है.. सड़कों का जाल बिछा दिया गया है… गरीबों को गैस कनेक्शन, मध्यमवर्गीय को सस्ते मकान दिए जा रहे हैं.. भ्रष्टाचार का कोई मामला सामने नहीं आया है..LED बल्ब भी कितने सस्ते हो गए हैं.. अभी अमेरिका ने भारत के कुछ उत्पादों पर ड्यूटी बढ़ाई तो भारत ने भी अमेरिकी उत्पादों की ड्यूटी बढ़ा दी.. ऐसा पहले हो पाता था क्या..

और सुनों स्कूल की किताबें भी बहुत सस्ती हो गईं हैं.. ज़्यादातर किताबें NCRT की हैं पहले ये प्राइवेट पब्लिशर्स की होतीं थीं.. महँगी भी होतीं थीं और हर साल दाम बढ़ते जाते थे.. ठीक है बहुत से काम नहीं हो पाए हैं तो 2019 में दुबारा मोदी जी को ले आएँगे तब हो जाएंगे सारे काम.. इतने सालों तक कांग्रेस जैसी पार्टी को चुना है तो मोदी जी को भी दुबारा लाएँगे.. अटलजी को दुबारा नहीं लाने का कितना नुक़सान उठाना पड़ा याद है कि भूल गए…

अच्छा तो अब तुम मुझे सिखाओगी.. कि मैं किन मुद्दों को उठाऊँ और किनको न उठाऊँ.. थोड़ी सी पढ़ लिख क्या ली तो खुद को होशियार समझ रही हो.. तुमको फेसबुक व्हाट्सएप सिखाने वाला भी मैं ही हूँ और आज तुम मुझे ही ज्ञान दे रही हो.. तुम अपना काम करो.. मुझे मेरा काम करने दो.. और 2019 में तो सबक सिखाना है मोदी को..

अच्छा ऐसी बात है तो फिर आप 3 बार के मुख्यमंत्री और 4 साल से भारत के प्रधानमंत्री को रोज़ ज्ञान क्यों देते फिरते हो.. क्या आपको उनसे ज़्यादा पता है क्या.. चलो छोड़ो मुझे क्या..

और सुनो वो वॉशिंग मशीन बार बार ख़राब हो रही है.. उसे सुधराकर भी देख लिया.. ठीक नहीं हुई है.. गैस का चूल्हा भी ख़राब हो रहा है.. इसको बदलवा दो..

हाँ हाँ ठीक है.. इस बार दीवाली पर नई वॉशिंग मशीन ला दूँगा… गैस चूल्हा दुबारा से रिपेयर करा दूँगा.. अभी बच्चों की फीस.. यूनिफॉर्म… किताबों में सब बजट गड़बड़ा गया है..पता तो है तुम्हें सब फिर भी बोल रही हो..

घर की समस्याओं को दूर करने में ही आपको महीनों सालों लग जाते हैं लेकिन मोदीजी से देश की हर समस्या का हल सिर्फ 5 सालों में चाहते हो.. वरना उनको ले आओगे जिन्होंने ये सारी समस्याएँ खड़ी की हैं…

पिछले 4 दिन से बोल रही हूँ.. गेहूँ निकालकर रखे हैं.. पिसवा लाओ.. वरना आज शाम को या तो भूखे रहना या होटल से बुलवा लेना.. मैं जा रही हूँ.. हाथ से कपड़े धोने..

“ज्ञानी जी” बड़बड़ाते हुए.. साला अब तो बीवी भी बातें सुनाने लगी है.. मेरे घर में भी मोदीजी झगड़े लगवा रहे हैं अब तो सबक सिखाकर ही रहूँगा..

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