तभी मेरी जन्मभूमि का नाम भारत है, यही मेरी संस्कृति है, पहचान है

1990 के दशक के प्रारंभ में युगोस्लोवाकिया टूट के बिखर गया. इस राष्ट्र से अगले 13 वर्षो में 7 देशों – स्लोवेनिया, क्रोएशिया, बोस्निआ-हर्ज़ेगोविना, सर्बिआ, मोंटेनिग्रो, अल्बानिया और भूतपूर्व युगोस्लाव का मेसेडोनिया गणराज्य – का उदय हुआ. क्या कहा: भूतपूर्व युगोस्लाव का मेसेडोनिया गणराज्य? सीधे, सीधे मेसेडोनिया गणराज्य क्यों नहीं?

एक स्वतंत्र देश के नाम की पीछे एक राष्ट्र और वहां के नागरिकों की पहचान, उनका इतिहास, उनकी सभ्यता, उनकी भाषा का सार निहित होता है.

भू. यु. मेसेडोनिया गणराज्य को मेसेडोनिया गणराज्य के नाम से इसलिए नहीं जाना जाता क्योंकि ग्रीस (यूनान) ने संयुक्त राष्ट्र में भू. यु. मेसेडोनिया गणराज्य की 1993 में सदस्यता के समय मेसेडोनिया गणराज्य के नाम पर  आपत्ति जतायी थी.

क्योंकि ग्रीस भूतपूर्व युगोस्लाव का मेसेडोनिया गणराज्य का पड़ोसी देश है. ग्रीस के उत्तरी प्रान्त का नाम मेसेडोनिया है जो भू. यु. मेसेडोनिया गणराज्य से सटा हुआ है.

एलेग्जेंडर महान एक मेसेडोनियन सम्राट था और ग्रीस के लोग अपने आप को एलेग्जेंडर महान का वंशज और उसका उत्तराधिकारी मानते हैं. उन्हें इस बात का भय था कि अगर पडोसी देश का नाम ‘मेसेडोनिया गणराज्य’ हो गया तो वह राष्ट्र उनकी गौरवशाली विरासत, संस्कृति और इतिहास को हड़प लेगा, अपने आप को एलेग्जेंडर महान का उत्तराधिकारी घोषित कर देगा.

भू.यु. का मेसेडोनिया गणराज्य ने भी अपनी राजधानी स्कोपीये के एयरपोर्ट और मेन हाईवे का नाम एलेग्जेंडर महान रखकर ग्रीस की आशंका को बढ़ावा दिया था.

ग्रीस की आपत्ति के कारण भू.यु. का मेसेडोनिया गणराज्य को यूरोपियन यूनियन और नाटो की सदस्यता भी नहीं मिल पा रही थी.

अतः इन दो देशों के बीच “नाम विवाद” के निपटारे के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने अपना व्यक्तिगत दूत नियुक्त किया जो बात चीत के द्वारा इन देशों को किसी अन्य नाम पे मुहर लगाने का प्रयास पिछले दो दशकों से कर रहा था.

भू.यु. का मेसेडोनिया अपने नाम को बदलने को तैयार था जैसे कि उत्तरी मेसेडोनिया, वरदार मेसेडोनिया इत्यादि, लेकिन अपने नागरिकों, भाषा और संस्कृति को मैसेडोनियन कहलवाने पर अड़ा हुआ था. ग्रीस इस बात पे जोर दे रहा था कि ‘उत्तरीमेसेडोनिया”, “वरदारमेसेडोनिया” इत्यादि एक शब्द होगा और किसी भी भाषा में अनुवाद नहीं होगा.

व्यक्तिगत दूत के प्रयासों के कारण दोनों देश इस बात पर सहमत हो गए है कि भू. यु. मेसेडोनिया गणराज्य अब उत्तरी मेसेडोनिया गणराज्य के नाम से जाना जाएगा और इसके नागरिक उत्तरी मैसेडोनियन और भाषा मैसेडोनियन कहलाएगी. इस वर्ष की शुरुवात में भू. यु. मेसेडोनिया गणराज्य ने अपने एयरपोर्ट और हाईवे का नाम भी बदल दिया.

इस रविवार (17 जून) को दोनों देशों के प्रधानमंत्री सीमा रेखा पर स्थित प्रेस्पा झील के मध्य एक नाव में समझौते पे हस्ताक्षर करके भू. यु. मेसेडोनिया गणराज्य के नए नाम पे मोहर लगा देंगे.

तभी मेरी जन्मभूमि का नाम भारत है. यही मेरी संस्कृति है, पहचान है.

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भू.यु. का मेसेडोनिया गणराज्य की राजधानी स्कोपीये में मैं इस वर्ष मार्च में था; फोटो वहीं के हैं.

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