दिव्यांगों के लिए सुगम्य और सम्मानित जीवन की पहल : ‘सुगम्य भारत-बेहतर भारत’

सुगम्य भारत अभियान दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सार्वभौमिक पहुंच प्रदान करने के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा शुरू किया गया एक देशव्यापी अभियान है.

अभियान का उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को जीवन के सभी क्षेत्रों में भागीदारी करने के लिए समान अवसर एवं आत्मनिर्भर जीवन प्रदान करना है.

सुगम्य भारत अभियान सुगम्य भौतिक वातावरण, परिवहन, सूचना एवं संचार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर केंद्रित है.

दिव्यांग व्यक्तियों के सामाजिक-आर्थिक बदलाव के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ भारत सरकार सार्वभौमिक पहुँच के लिए बड़े पैमाने पर जागरूकता पैदा करने हेतु प्रयास कर रही है.

भारत दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन का हस्ताक्षकर्ता है. संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन का अनुच्छेद 9, हस्ताक्षकर्ता सरकारों पर सभी आवश्यक कदम उठाने का दायित्व डालता है जिससे दिव्यांग व्यक्तियों की पहुंच अन्य लोगों के समान हीं भौतिक वातावरण, परिवहन, सूचना एवं संचार (प्रौद्योगिकियों और प्रणालियों सहित) और शहरी या ग्रामीण क्षेत्र में जनता को प्रदान की जा रही अन्य सुविधाओं एवं सेवाओं तक सुनिश्चित की जा सके.

सुगम्य भारत अभियान का उद्देश्य हर किसी के लिए सुलभ भौतिक वातावरण प्रदान करना है.

इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्कूलों, चिकित्सा सुविधाओं और कार्यस्थलों सहित इनडोर और आउटडोर सुविधाओं में बाधाओं और अवरोधों को खत्म करने के लिए उपायों की जरूरत है.

निर्मित वातावरण न सिर्फ इमारतों को बल्कि रैंप, गलियारों, फुटपाथों, पार्किंग, प्रवेश द्वार, आपातकालीन निकासों, शौचालय और पैदल यात्री यातायात के प्रवाह को रोकने वाली बाधाओं को भी समाहित करता है.

3 दिसम्बर, 2015 को शुरू किये गए सुगम्य भारत अभियान का उद्देश्य दिव्यांग बहनों और भाइयों को सुगम्य और सम्मानित जीवन प्रदान करना है.

देश की राजधानी और सभी राज्यों की राजधानियों के कम से कम 50 प्रतिशत सरकारी भवनों को पूरी तरह सुगम्य बनाने के लिए तेजी से प्रयास जारी है.

8 लाख दिव्यांगजनों को सहायता उपकरण वितरित करने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया गया. 50 शहरों में 1662 महत्वपूर्ण भवनों की सुगम्यता की जांच अब तक पूरी हो चुकी है.

सभी 34 अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों तथा सभी घरेलू हवाई अड्डों में रैम्प, सुगम शौचालय, लिफ्ट में ब्रेल लिपि में संकेतक तथा सुनने योग्य संकेतकों जैसी सुगम्य सुविधाएं प्रदान की गई हैं.

709 ए-1, ए, बी श्रेणी के रेलवे स्टेशनों में से 644 रेलवे स्टेशन तथा 1 लाख 41 हज़ार 572 बस अड्डों में से 12 हज़ार 894 बस अड्डों को सुगम्य बनाया गया है.

राज्य सरकारों/ संघशासित प्रदेशों की 917 चिन्हित वेबसाइटें ईआरएनईटी इंडिया के माध्यम से सुगम्य बनाये जाने की प्रक्रिया में है.

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