मुद्रा योजना : आपके पास क्या सुझाव है इस व्यवस्था को बेहतर करने का?

मुद्रा लोन वाले मेरे पिछले लेख पर कई मित्रों ने बैंको में भ्रष्टाचार की शिकायत की.

उन्होंने लिखा कि –

(1) प्रधानमंत्री मुद्रा योजना होने के बावजूद बैंक गरीबों को कर्ज नही देते.

(2) बैंक ने मेरी लोन पास नहीं की या बैंक मैनेजर जल्दी लोन नहीं दे रहे हैं.

(3) एक करोड़पति को बैंक वालों ने मुद्रा लोन की स्कीम में लोन दिया है जब कि उसकी दुकान की कीमत 1 करोड़ से ज्यादा है.

(4) मुद्रा योजना के अंतर्गत लोन मिलना आसान नही हैं.

(5) आरटीआई पर सबसे बदनाम बैंक का जवाब था कि सभी प्राप्त आवेदन पर ऋण दिया गया था.

(6) 70% NPA है. मुद्रा में सब SC-ST ने उठाया लिया.

इन मुद्दों के क्रमवार जवाब देने का प्रयास करता हूँ.

लेकिन सबसे पहले, मेरा एक प्रश्न. क्या आपने मुद्रा की वेबसाइट चेक की है? इस वेबसाइट https://www.mudra.org.in/FAQ में हिंदी भाषा में नवीनतम जानकारी दी गयी है और लोन की योग्यता के बारे में बताया है.

(1) गरीबो को भी बैंक कर्ज तब देंगे जब वे उनके द्वारा पूछे गए सारे प्रश्नो का उचित जवाब देंगे. इस बारे में राहुल सिंह के ये लेख पढ़िए –

बैंक अफसर की सलाह उनके लिए, जिन्हें छोटे स्तर पर काम करने में शर्म नहीं

मुद्रा लोन लेने बैंक से संपर्क करने से पहले यह पढ़ लीजिए

अगर आप गरीब है और अपने गरीब होने के बेसिस पर बैंक पहुँच जाए और कहें कि मैं गरीब हूँ, मुद्रा लोन दीजिये. आपको लोन नहीं मिलेगा.

(2) बैंक आपको लोन इसलिए नहीं दे रहा क्योंकि आप का प्रोजेक्ट प्रपोजल ठीक नहीं है या अधूरा है. यह मैं स्वीकार करता हूँ कि कुछ बैंक मैनेजर भ्रष्ट है. इस केस में आप दूसरे बैंक में प्रयास करे.

(3) मुद्रा वेबसाइट के अनुसार, ‘ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में स्थित गैर निगमित (non corporate) लघु व्यवसाय घटक, जिनमें ऐसी लाखों प्रोप्राइटरशिप/ पार्टनरशिप फर्में शामिल हैं, जो लघु विनिर्माण इकाइयाँ, सेवा क्षेत्र की इकाइयाँ, दुकानदार, फल/ सब्जी विक्रेता, ट्रक परिचालक, खाद्य-सेवा इकाइयां, मरम्मत की दुकानें, मशीन परिचालन, लघु उद्योग, दस्तकार, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां तथा व्यवसाय चलाते हैं.’

दूसरे शब्दों में, एक करोड़पति व्यवसायी को मुद्रा लोन मिल सकता है अगर वह कॉर्पोरेट जगत से नहीं है.

(4) मुद्रा योजना के अंतर्गत लोन मिलना निश्चित रूप से आसान हैं. नहीं तो 13 करोड़ लोगो को ऐसे ही लोन नहीं मिल जाता.

(5) आरटीआई में आपको ठीक उत्तर मिला कि सभी प्राप्त आवेदन पर ऋण दिया गया था. आवेदन तभी आवेदन होता है जब उसमें सभी सूचनाएं दी गयी हों. आधी-अधूरी एप्लीकेशन जमा ही नहीं होगी. क्या आपकी UPSC की एप्लीकेशन बिना डेट ऑफ़ बर्थ या फोटो जमा हो जायेगी?

(6) “70% NPA है. मुद्रा में सब SC-ST ने उठाया लिया.” गलत, आधारहीन सूचना है. एक बार मुद्रा वेबसाइट चेक कीजिये. समाचारपत्रों के अनुसार NPA केवल 4 प्रतिशत है.

अगर कोई मुद्रा लोन के लिए आपसे घूस मांगता है, तो इसकी शिकायत कीजिये. बिना शिकायत के सरकार को कैसे पता चलेगा कि कहाँ भ्रष्टाचार हो रहा है और वह कर्मचारी आपके बाद किसी अन्य से घूस मांगेगा. शिकायत करते समय अधिक से अधिक सूचना और प्रमाण देने का प्रयास करिये.

अंत में, आपके पास क्या सुझाव है इस व्यवस्था को बेहतर करने का? अगर आप बैंक मैनेजर होते, तो आप कैसे लोन देते? किन कागज़ों को माँगते? क्या प्रश्न पूछते? एक बार यह प्रश्न स्वयं से पूछ के देखिये.

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