सौरभ-वाणी : कागज़ की एक नाव गर पार हो गई, उसमें समंदर की कहाँ हार हो गई!

मार्क्सवादी माफियाओं की कुँए में मेंढक वाली संकुचित व मर्यादित विचारधारा कॉकरोच समान है. लाख उपाय करोगे तो भी ये हमेशा के लिए नष्ट नहीं होगी. इसलिये हर थोड़े समय में पेस्ट कंट्रोल वालों को बुलाते रहना चाहिए. अपनी पेस्ट कंट्रोल सर्विस को आगे के लिए मुल्तवी कर आज ध्यान देने योग्य एकदम प्रेसिंग तीन-चार … Continue reading सौरभ-वाणी : कागज़ की एक नाव गर पार हो गई, उसमें समंदर की कहाँ हार हो गई!