क्या होती है किसी सरकार के काम की कसौटी?

न्यूज़ चैनली मीडिया के काला अक्षर भैंस बराबर सरीखे एंकर एडिटर तथा लाल बुझक्कड़ी न्यूज़ चैनली विशेषज्ञों की फौज आजकल सपा, बसपा, कांग्रेस का शामिल बाजा बनकर एक ही ढोल पीट रही है कि मोदी सरकार ने 4 साल में और योगी सरकार ने एक साल में कोई काम ही नहीं किया.

पहले जानिए कि योगी सरकार ने काम किया या नहीं?

योगी सरकार को प्रदेश की सत्ता संभाले 14 महीने का समय हुआ है. अपने पहले वर्ष (1 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018 तक) के कार्यकाल में योगी सरकार ने…

किसानों का 36 मिलियन टन गेंहू और 43 मिलियन टन धान खरीद कर पिछले 70 साल सालों का रिकॉर्ड तोड़ा.

उसके पहले की अखिलेश सरकार अपने 5 वर्ष के कार्यकाल में किसानों का इतना गेंहू और धान नहीं खरीद पायी थी.

बिना आढ़तियों बिचौलियों के सीधे सरकार द्वारा रिकॉर्डतोड़ खरीद कर के किसानों को राहत देने का यह काम अगर काम नहीं है तो क्या है?

[गेहूं की सरकारी खरीद में हुआ इजाफा, बीते साल के आंकड़ों में हुआ सुधार]

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में लगभग 11 लाख (ग्रामीण क्षेत्र में 7.71 लाख, शहरी क्षेत्र में 3.4 लाख) घर बनाकर गरीबों, दलितों, पिछड़ों को सौंप कर योगी सरकार ने इस योजना के क्रियान्वयन में उत्तरप्रदेश को पहले स्थान पर पहुंचा दिया है.

जबकि अखिलेश सरकार एवं माया सरकार के 10 साल के कार्यकाल में उत्तरप्रदेश इस सूची में सबसे नीचे अन्तिम स्थान पर रहता था.

आवासहीन दलितों, पिछड़ों, गरीबों को घर बनाकर देने का यह रिकॉर्डतोड़ ऐतिहासिक काम भी अगर काम नहीं है तो फिर क्या है?

अपने एक वर्ष के इसी कार्यकाल में योगी सरकार द्वारा प्रदेश के 57 हज़ार मजरों का विद्युतीकरण करने का तथा 17.35 लाख गरीब दलितों पिछड़ों के घरों में सौभाग्य योजना के तहत निशुल्क विद्युत कनेक्शन देने का काम किया है.

इनके अतिरिक्त सौभाग्य योजना के अलावा 10.3 लाख नए विद्युत कनेक्शन भी दिए गए हैं. एक वर्ष में लगभग 27.65 लाख नए कनेक्शन देने का काम क्या विद्युत व्यवस्था में ज़बरदस्त सुधार के बिना दिए जा सकते हैं? इस उपलब्धि के पीछे योगी सरकार का ज़बरदस्त काम ही है.

अपने एक वर्ष के कार्यकाल में योगी सरकार ने सपा सरकार के समय की बिजली की जो औसत सप्लाई 28.7 करोड़ यूनिट प्रतिदिन थी उसे 2017-18 में 9 फीसदी बढ़कर 31.2 करोड़ यूनिट प्रतिदिन तक पहुंचा दिया है.

2 लाख 38 हज़ार 990 खराब टांसफार्मर बदले गए हैं जबकि 14 हज़ार 315 नए टांसफार्मर स्थापित किए गए हैं. 10 हज़ार 631 टांसफार्मर को अपग्रेड करने का काम किया गया है. 1348 एमवीए ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ाई है. क्या यह कोई काम ही नहीं है?

पिछले वर्ष ही प्रदेश में एकसाथ 86 बड़े पुलों, 40 छोटे पुलों तथा 41 रेलवे ओवरब्रिजों का निर्माण प्रारम्भ हुआ. उत्तरप्रदेश में एक ही वर्ष में एक साथ इतने बड़े स्तर पर पुलों के निर्माण का काम पिछले 70 वर्षों में कभी नहीं हुआ. क्या यह कोई काम नहीं है.

पिछले एक वर्ष में प्रदेश के उन 7,500 गांवों को बस सेवा से जोड़ दिया गया जहां आज़ादी के 70 साल बाद भी बस नहीं पहुंची थी. क्या यह कोई काम नहीं है?

शिक्षा व्यवस्था में सुधार का कार्य किस तरह हुआ है इसकी गवाही बोर्ड परीक्षाओं को छोड़कर भागे लगभग साढ़े 11 लाख नकलची छात्रों की संख्या दे देती है. इसके चलते प्रदेश में शिक्षा/नकल माफियाओं का लगभग 10 से 15 हज़ार करोड़ का कारोबार लगभग ध्वस्त हो गया. क्या यह कोई काम ही नहीं है?

उत्तरप्रदेश में भू-माफियाओं द्वारा कब्जाई गई 70 हज़ार हेक्टेयर सरकारी ज़मीन पर से भू-माफियाओं का कब्ज़ा खत्म कर सैकड़ों की संख्या में ऐसे भू-माफियाओं को जेल भेजने का जो काम योगी सरकार ने अपने केवल एक वर्ष के कार्यकाल में किया वो पिछले 70 सालों में किसी सरकार ने कभी नहीं किया. यह काम भी अगर काम नहीं है तो फिर क्या है?

और अन्त में सबसे महत्वपूर्ण काम का जिक्र यह कि प्रदेश में योगी सरकार का पहला वर्ष अपराधियों पर किस तरह कहर बनकर बरसा है, इस पर बहुत कुछ लिखा जा चुका है. यह सब जानते हैं. तथा प्रदेश की जनता यह अनुभव भी कर रही है.

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