कपूतों की याद में तड़प-तड़प कर अपने समय की हीरोईन ‘गीता कपूर’ ने दम तोड़ा!

पिछले 14 महीनों से बीमार “माँ” गीता कपूर आखिर अपने कपूत बेटे और नालायक बेटी की याद में तड़प तड़प कर मर गई.

उसका शव इस समय बर्फ में दबाकर रखा गया है, इस उम्मीद से कि शायद हैवान बच्चों का दिल माँ की मौत के बाद पसीज जाये और वह आकर विधि विधान से उसका अन्तिम संस्कार कर दें.

इस कलयुगी बेटे और बेटी ने फिर से एक बार मां और बच्चों के पवित्र रिश्ते को शर्मसार कर दिया है. पूरी कहानी सुनकर आपके भी होश उड़ जाएंगे. ये किसी गरीब तबके की कहानी नहीं है, बल्कि ये अपने ज़माने की मशहूर अदाकारा गीता कपूर की कहानी है, जिसने बॉलीवुड में ‘रजिया सुल्तान’, ‘पाकीजा’ तथा अन्य लगभग सौ फिल्मों में काम किया था. गीता कपूर के कलयुगी बेटे ने उनका साथ उस वक्त छोड़ा जब उन्हें सबसे ज्यादा अपने बेटे की जरुरत थी.

तबीयत खराब होने पर गीता कपूर को उनके बेटे ने अस्पताल में भर्ती करवाया था. भर्ती करवाने के बाद उनका नालायक बेटा ‘राजा कपूर‘ उन्हें अस्पताल में छोड़कर फरार हो गया.

बताया जाता हैं कि हॉस्पिटल प्रशासन ने जब उनसे इलाज के लिए फीस जमा करवाने के लिए कहा, तो वे पैसे निकालने के लिए एटीएम ढूंढने का बहाना करके अस्पताल से बाहर निकल गया. मगर लौटकर साल भर बाद भी आज तक नहीं आया.

गीता की नाज़ुक हालात देखकर डॉक्टरों ने उनका इलाज जारी रखा. सोशल मीडिया पर न्यूज़ वायरल होने के बाद फिल्मी जगत के लोगों ने गीता कपूर के इलाज का इन्तजाम कराया.

गीता का बेटा “राजा कपूर“ पेशे से कोरियोग्राफर है और जानकारी के मुताबिक कम से कम एक सौ करोड़ रूपयों की चल अचल सम्पति का आसामी है. अपनी दर्द भरी दास्तान में गीता ने इस बात को स्वीकारा था कि वृद्धाश्रम जाने की बात नहीं मानने के कारण वह अपनी माँ के साथ बेहद दुर्व्यवहार करता रहता था.

गीता ने रोते रोते अपनी दयनीय हालत बयान करते हुए, गतवर्ष यह भी बताया था , उनका इकलौता बेटा अपनी माँ से मारपीट भी करता था. क्या आप कभी सोच सकते हैं कि कोई बेटा अपनी माँ को इस लिये भूखा रखता था, जिससे माँ जल्दी से मर जाए.

गीता कपूर ने सार्वजनिक रूप से यह आरोप लगाया था कि उनका बेटा उन्हें चार दिन में एक बार खाना देता था और कई कई दिनों तक कमरे में बंद करके रखता था.

अस्पताल की घटना के बाद गीता कपूर की इस दयनीय स्थिति का फोटो तेजी से वायरल हो गया फिर उनकी मदद के लिए बॉलीवुड के कई सितारे आगे आए.

अन्त समय तक फिल्मी हस्तियों ने उनके अस्पताल का बिल का खर्च उठाया. महज 57 साल की उम्र में नालायक और स्वार्थी सन्तानों की माँ अन्तिम समय तक उनकी “एअर होस्टेज” बेटी तथा कोरियेग्राफर पुत्र को एक बार देख भर लेने की तमन्ना लेकर इस जल्लादी दुनिया को छोड़कर सदा के लिये चल बसी. और एक मिसाल छोड़ गई कि इस दुनिया में ऐसे कसाई बेटे बेटी भी हो सकते हैं.

ईश्वर दिवंगत आत्मा को शान्ति प्रदान करे. हे प्रभो …..भविष्य में ऐसी दुष्ट सन्तान देने के बजाए इन दुखियारी माताओं को नि:सन्तान ही बनाए रखे.

दुर्दशा की मारी ‘पाकीज़ा’ की हीरोईन के बेटे ‘राजा’ पर क्या कोई ठोक सकता है फतवा?

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY