दंगे : Reaction और Response में फर्क समझते हैं आप?

ऑनलाइन शब्दकोश में तो Reaction और Response दोनों के लिए पहला अर्थ प्रतिक्रिया दिया है जिससे मैं सहमत नहीं हूँ. अन्य अर्थ अलग हैं लेकिन इतने बोझिल हैं कि समझ में आना मुश्किल है.

इसलिए response क्या होता है यह उदाहरण के साथ समझाने का यत्न करता हूँ. समझ में आए तो यह लेख आप के लिए बहुत ही काम का हो सकता है.

फ़ैक्टरियों में अलग अलग सेफ़्टी ड्रिल सिखाये जाते हैं. आग लगे तो क्या करना चाहिए और कुछ हो तो क्या करना चाहिए यह सब सिखाया जाता है.

विदेशी कंपनियाँ, खास कर जापानी कंपनियाँ इस मामले में कड़ाई से काम लेती हैं. उनके जापानी स्टाफ भी इस मामले में चुस्त रहते हैं चाहे कितना भी सीनियर मैनेजर – डाइरेक्टर क्यों न हो.

तो अगर कंपनी में आग लग जाये तो भड़कने से पहले पूरा स्टाफ प्रशिक्षण के मुताबिक चलता है जिससे जान माल की हानि कम से कम होती है, उसे response कहा जाये.

बाकी दंगे के वक़्त जब सामने से हमला होता है तो आप गाफिल पकड़े जाते हैं, हानि हो जाती है.

उसके बाद तैयारी करके आप जवाब देने जाते हैं उसे reaction कहा जाता है. और हिंदुओं का यह हमेशा का रोना है कि जब वे reaction देते हैं तो पुलिस से मार खाते हैं.

अमेरिका में हमेशा यही सिखाया जाता है – don’t react, respond.

फ़ैक्टरी में तय नुकसान करने वाली परिस्थिति को respond करने की आप को ट्रेनिंग मिलती है, आप वहाँ respond करने के लिए ट्रेनिंग प्राप्त व्यक्ति हैं. आप के घर के एरिया में दंगा फूट पड़ता है, क्या आप respond करने में सक्षम हैं?

दंगा ऐसे समय फूट पड़ता है जब पुरुष घर पर नहीं हैं. तो क्या जो भी घर पर हैं, दंगे को respond करने में सक्षम हैं?

कभी आप के घर से पुलिस स्टेशन का रास्ता, ड्राइव कर के हो आइये. आप की गाड़ी नहीं है तो टैक्सी से जाइए एरिया के चार लोग. समय नाप लीजिये, रास्ते के हालात देख लीजिये.

टैक्सी इसलिए क्योंकि वो फोर व्हीलर है… और पुलिस आती है तो उनकी गाड़ी भी फोर व्हीलर ही होती है. समझ लीजिये कहाँ कहाँ उसका मार्ग अवरुद्ध किया जा सकता है.

अब तक आप समझ चुके होंगे कि आप को respond करना सीखना होगा, सरकार क्या कर रही है यह चिल्लाने से कुछ होना जाना नहीं है.

कैसे respond करना है इस पर चार सालों से लिखता ही आ रहा हूँ और वे लेख सब से कम शेयर होते हैं. इसके लिए ना मैं या ना ही आप सरकार को दोष दे सकते हैं.

अब ये न कहें कि आप को respond करना सरकार को सिखाना चाहिए था. वैसे इस फिटनेस चैलेंज को आप चाहें तो ऐसी पहल कह सकते हैं हालांकि किसी भी अधिकृत एंगल से ऐसे लगता तो नहीं.

Response पर जो भी लेख इसके पहले इतने साल लिखे कुछ खास शेयर नहीं हुए थे. देखें इस लेख का भाग्य क्या होगा?

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