Mission 2019 और ‘हमारे लिए क्या किया’ सिंड्रोम

सवाल यह नहीं है कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने हमें क्या दिया? सवाल यह है कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने भारत को क्या-क्या दिया है!

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनी राष्ट्रवादी सरकार के 4 वर्ष पूरे हो चुके हैं और विपक्ष के साथ सभी गुलाम यह पूछ रहे हैं कि मोदी ने क्या किया और हमें क्या दिया?

इसी नारे को लेकर, हिन्दुओं के स्वार्थपरक व जातिवादी मानसिकता पर अगाध विश्वास करके, 10 जनपथ में बैठी महिला ने, सभी भ्रष्ट और राष्ट्रविरोधी शक्तियों को इकट्ठा किया और नरेंद्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनने से रोकने का आह्वान किया है.

2019 का महत्व हिन्दू जानता हो या न जानता हो, लेकिन सोनिया गांधी यह ज़रूर जानती है कि यदि भारत में हिंदुत्व को चोट देनी है, भारत को खण्ड खण्ड में बांटना है और धर्मांतरण को खुली हवा देनी है तो नरेंद्र मोदी की सरकार को फिर से आने से रोकना ही होगा.

इसी लिये भारत के संवैधानिक तंत्रों में बैठे लोगों ने खुल कर उसे अमर्यादित किया है और 90 रुपये के पेट्रोल को जीवन मरण का प्रश्न बना दिया है.

आज भारत की जनता से यह सवाल नहीं किया जा रहा है कि मोदी सरकार ने भारत के लिये क्या किया है बल्कि बताया जा रहा है कि नरेंद्र मोदी की सरकार फिर आ गयी तो उनके किन किन स्वार्थों की पूर्ति नहीं होगी.

यदि वो लोग नहीं बता रहे कि मोदी सरकार ने भारत और उसकी जनता के लिये क्या क्या किया है तो यह हमें ही बताना होगा कि मोदी सरकार ने भारत व उसकी जनता के भविष्य के लिये क्या क्या किया है.

1. 100% विद्युतीकरण : स्वतंत्रता के 7 दशकों के बाद भी जिन 18,452 गांव में बिजली नहीं पहुंची थी वहां बिजली पहुंचा दी गई है. 4.1 करोड़ परिवार जिनको बिजली का कनेक्शन अब तक नहीं मिला था उन्हें 2019 तक मिल जायेगा. इसमें से अब तक 69 लाख परिवार को मिल चुका है.

2. सौर ऊर्जा : जहां यूपीए की सरकार ने 2022 तक 20 GW लक्ष्य निर्धारित किया था वही मोदी सरकार ने 24 GW का लक्ष्य अप्रैल 2018 में ही पूरा कर लिया है.

3. ऊर्जा संरक्षण : अब तक लगभग 50 रुपये की कीमत पर, 90 करोड़ एलईडी बल्ब, बांटे जा चुके है जिसकी पहले कीमत लगभग 350 रुपये प्रति बल्ब थी. सभी स्ट्रीट लाइट्स को एलईडी के बल्बों से बदलने का काम शुरू हो चुका है और अब तक भारत ने विद्युत उर्जा में 20,000 मेगावाट की बचत की है.

4. सड़कें : इन 4 वर्षो में सर्वाधिक सड़क परियोजनाओं को पूरा किया गया है और अब तक 1.5 लाख करोड़ की परियोजनाओं का निष्पादन किया गया है. इन्ही 4 वर्षो में सर्वाधिक एक्सप्रेस-वे, पुल व सुरंगे बनाई गई है.

इस वक्त भारत में ग्रमीण सड़कें 165 किमी प्रति दिन की दर से बनाई जा रही है और लक्ष्य यही है कि भारत के हर गांव को सड़क से जोड़ दिया जाय. आज मोदी सरकार 39 किमी प्रति दिन के हिसाब से हाईवे का निर्माण कर रही है जो अब तक की सर्वाधिक निर्माण की गति है.

5. मेट्रो : अभी तक 10 शहरों में मेट्रो संचालित हैं और अन्य 7 शहरों में मेट्रो का काम चल रहा है.

6. रसोई गैस (एलपीजी) : अब तक 8.1 करोड़ एलपीजी गैस सिलेंडर का वितरण हुआ है जिसमें से 3.93 करोड़ बीपीएल परिवार हैं, जिससे कई राज्य और शहर किरोसिन मुक्त हो चुके है. यह सिर्फ 4 वर्षो में हुआ है. यूपीए सरकार के 10 वर्षो के कार्यकाल में 7.2 करोड़ एलपीजी का वितरण हुआ था.

7. 100% बैंकिंग कवरेज : 31 करोड़ बैंक एकाउंट खोले गये है और यह कीर्तिमान गिनीज़ बुक ऑफ रिकार्ड्स में दर्ज है.

8. बीमा (स्वास्थ, दुर्घटना और जीवन), पेंशन : 18 करोड़ से ज्यादा लोगो का बीमा करवाया गया. एक करोड़ से ज्यादा लोगो को अटल पेंशन योजना का अभिदाता बनाया गया.

9. वायुसेवा : वायुसेवा में क्रांतिकारी बदलाव आया है. आंतरिक वायुसेवा की कनेक्टिविटी, उड़ान योजना के तहत 90 हवाईअड्डों को जोड़ने से बहुत बढ़ गयी है. हवाईयात्रा के दामों पर बंधन लगने से यह सस्ती हुई है. इसी से वायुयान से यात्रा करने वाले यात्रियों में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है.

10. रेलवे : रेल दुर्घटनाओं में कमी आयी है और वह डबल डिजिट में आ गयी है. रेलवे स्टेशन डिजिटल हो गये हैं, वहां की सफाई व्यवस्था पहले से बहुत बेहतर हो गयी है और कई रेलवे स्टेशनों का पुनर्निर्माण हो रहा है. रेलवे की विद्युतीकरण की दर और उसका विस्तार करते हुये नई पटरियों को लगाने के काम मे कांग्रेस के राज से दुगनी गति से प्रगति हो रही है.

11. विदेशी पूंजी निवेश (एफडीआई) : भारत आज के काल में सर्वश्रेष्ठ खुली अर्थव्यवस्था है जहां हर सेक्टर उदारीकृत है. भारत में इस काल मे सबसे ज्यादा एफडीआई का निवेश हुआ है.

12. इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन : इस सेक्टर की तो कायापलट हो गयी है. जहां 9000 करोड़ का व्यवसाय होता था वहां पिछले सिर्फ 4 वर्षो में वह 1.8 लाख करोड़ का व्यवसाय हो गया है.

13. प्रत्यक्ष कर निर्धारण : इतिहास में पहली बार यह 10 ट्रिलियन से ऊपर पहुंच गया है. स्वतंत्रता के बाद से 2014 तक, जो कर देने वाले थे उनकी संख्या में बढोत्तरी हुई है. पिछले 4 वर्षों में कर दाताओं की संख्या में तीन गुनी वृद्धि हुई है.

14. अप्रत्यक्ष कर निर्धारण- जीएसटी : 1.2 करोड़ से ज्यादा व्यवसायी अब जीएसटी के अंतर्गत है. भारत तेजी से एक अनियमित अर्थव्यवस्था से एक नियमित व डिजिटल अर्थव्यवस्था की तरफ बढ़ गया है.

15. स्वास्थ्य :

– 10 करोड़ परिवार को 5 लाख रुपये प्रति वर्ष का स्वास्थ बीमा

– आर्युवेद का संस्थान

– हर राज्य में एक ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस खोलने का लक्ष्य.

– विश्व की सबसे बड़ी टीकाकरण (इम्यूनाइज़ेशन) की योजना ‘इंद्रधनुष’ को कार्यान्वित करना जिसके अंतर्गत 9 करोड़ बच्चों को लाभ पहुंचाया गया.

– जेनेरिक दवा स्टोर्स को प्रस्तुत किया गया (अब तक 3200 से ज्यादा) जहां आधे दाम में दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं.

– चिकित्सा के कई उपकरणों के दाम आधे हुये हैं.

– मेडिकल कॉलेजेस में चिकित्सा के विद्यार्थियों की सीट में पिछले 4 वर्षो में दुगनी वृद्धि हुई है.

– नेशनल मेडिकल बिल संसद में लंबित है जिसके पास होने पर चिकित्सा सेक्टर में क्रांतिकारी बदलाव आएगा.

16. कृषि :

– मिनिमम सपोर्ट प्राइस में इस बजट में डेढ़ गुना वृद्धि की गई है जो पहले के बजटों में बढ़ती रही है.

– यूरिया, खाद व एचवाई बीजों की उपलब्धता पहले से बहुत अच्छी है.

– किसान क्रेडिट कार्ड का क्षेत्र पहले से बढ़ गया है. अब बुआई और कटाई के बीच कुछ भी खरीद सकते है और उसकी क्रेडिट लिमिट भी बढ़ा दी गयी है.

– नेशनल क्रॉप इन्शुरन्स कम मूल्य में सर्वश्रेष्ठ कवरेज देता है.

– ई-एनएएम सभी 780 मंडियों को डिजिटली जोड़ता है जहां किसान अपने उत्पादों को बेहतर मूल्य पर बेच सकता है.

– 12 करोड़ सॉइल हेल्थ कार्ड का वितरण किया गया है.

– फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और कोल्ड स्टोरेज का बड़ी संख्या में निर्माण किया गया है.

– किसानों की दिलचस्पी बढ़ाने के लिये ‘एग्रो सुपर मॉल’ की अवधारणा को लाया गया है और उसको विस्तार दिया जाएगा.

– किसान की आय को दुगना करने की परियोजना तीव्रगति से कार्यान्वित की जा रही है.

17. विभिन्न योजनाओ का सीधे लाभ हस्तांतरण :

– 400 से ज्यादा सरकारी सेवाओं को सीधे आधार कार्ड, बैंक एकाउंट और मोबाइल नम्बर से जोड़ा गया है.

– आज सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का 75% फण्ड सीधे लाभार्थी के एकाउंट में जा रहा है जिससे बिचौलियों और भ्रष्ट्राचार पर लगाम लगी है.

– ई जेम के पोर्टल द्वारा सरकारी खरीदारी में पारदर्शिता आयी है.

18. नोटबन्दी का अति ऐतिहासिक फैसला

19. इतिहास में पहली बार पाकिस्तान और म्यांमार की सीमा को पार करके सर्जिकल स्ट्राइक करके आतंकियों के कैम्प नष्ट किये गए. पिछले 4 वर्षों में भारत के नागरिकों पर कोई आतंकी हमला नहीं हुआ है. जहां 2014 में भारत के 90 से अधिक शहर नक्सली आतंक से प्रभावित थे वो आज सिमट कर 20 से 30 शहर में रह गया है.

20. भूतपूर्व सैनिकों के लिए ओआरओपी (OROP – वन रैंक वन पेंशन) लागू किया गया.

21. भारत को आत्मनिर्भर व सैन्य सामग्री को निर्यात करने के लिये सैन्य सामग्री का भारत में ही उत्पादन करने को प्राथमिकता दी गयी.

22. बैंकों के एनपीए की वसूली में शानदार सफलता मिली है. अब तक 4 लाख करोड़ से ज्यादा डूबा लोन, पिछले 4 वर्षों में वसूल लिया गया है.

23. अब तक 3.2 लाख से उपर हवाला कम्पनियों और 14000 से ऊपर के एनजीओ का डी-रेजिस्ट्रेशन किया जा चुका है.

24. अब तक मुद्रा लोन योजना के अंतर्गत 11 करोड़ लोगों को अपना व्यपार शुरू करने के लिये 5 लाख करोड़ का लोन दिया गया है.

25. स्टार्टअप इंडिया के अंतर्गत प्रत्येक बैंक की ब्रांच कम से कम एक महिला व एक एससी/ एसटी को धन दे रही है. अब तक 37000 उद्यमियों को 8800 करोड़ की निधि उपलब्ध कराई गई है.

26. स्टार्टअप नीति को कार्यान्वित किया गया और पिछले 4 वर्षों में सबसे अधिक निवेश स्टार्टअप में हुआ है.

27. भारत मे पहली बार, एक महीने का सामरिक तेल संग्रह के लिए रिज़र्वायर बनाया गया है.

28. 2014 के बाद से सभी करेंसी नोटों की छपाई भारत मे ही होती है.

29. 10,000 मेगावाट के नाभिकीय ऊर्जा की परियोजनाएं पास की गई.

30. भारत आज 4 प्रमुख शक्तिशाली समूहों का सदस्य है. एक तरफ उसने कई नाभिकीय एवं सामरिक अनुबंध किये है, वहीं आज भारत वैश्विक कूटनीति के केंद्र में है.

31. भारत मे विदेशी व आंतरिक पर्यटकों की संख्या में तेजी से उछाल आया है और पर्यटक स्थलों को प्राथमिकता के स्तर पर विकसित किया जा रहा है.

32. भारत की सीमा व कश्मीर की घाटी में आतंकियों के मारे जाने की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और आतंकवाद घाटी के केवल 5 शहरों में सिमट कर रह गया है.

33. इन 4 वर्षों में केंद्र सरकार पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा है और केंद्र सरकार की योजनाओं में किसी भी तरह का भ्रष्टाचार सामने नहीं आया है.

यह लेख बहुत बड़ा हो गया है और अब भी कई पॉइंट्स ऐसे है जिनका मैं उल्लेख करना भूल गया हूँ लेकिन इसके बाद भी यह, ‘हमारे लिए क्या किया सिंड्रोम’ से ग्रसित लोगों के मुंह पर तमाचा मारने के लिये काफी है.

मेरी बात समझ में आती है और आप अपने को भारत का ही अंश समझते हैं तो इसमें मोदी सरकार की और उपलब्धियों को जोड़ते हुये आगे बढ़ाएं और शेयर करें.

(अभिषेक सिंह के अंग्रेज़ी लेख पर आधारित)

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