आशु उवाच : शॉर्टकट और कटशॉर्ट

आज जैसे ही मैंने अपना फ़ोन ऑन किया तो मुझे एक अनजान नम्बर से मैसेज बॉक्स में कुछ अजीबो ग़रीब मेसजेज़ मिले, जिन्हें समझ पाना मेरे लिए बहुत मुश्किल था. मुझे लगा जैसे किसी ने मेरे सामने क्रॉस वर्ड पज़ल रख दिया हो.

जिस नम्बर से ये मैसेज भेजे गए थे मैंने Truecaller से उस नम्बर की जानकारी चाही, तो कुछ भी डिटेल हाथ नहीं आया.

आठ दस बार #Hihru ash और क़रीब इतने बार ही #cl its ugnt का मैसेज था.

मैंने उस नम्बर पर फ़ोन किया पता करने के लिए की ये कौन हैं जो मुझे मैसेसजेज़ भेज रहे हैं? और ये क्या कहना चाहते हैं? ( क्योंकि अंग्रेज़ी लिपि के चिर-परिचित शब्दों के बाद भी वे जिस भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे वह मुझ जैसे हिंदी माध्यम से पढ़े हुए व्यक्ति के लिए आउट ऑफ़ सिलेबस थी.)

फ़ोन करने पर दो रिंग के बाद मेरा फ़ोन कट जाता, और तुरंत ही मुझे मैसेज मिलता #cl m.. मुझे लगा कि शायद नेट्वर्क के कारण फ़ोन अपने आप कट हो रहा है, सो मैंने मैसेज के ज़रिये ही बात शुरू की.

कॉन्वर्सेशन निम्नलिखित है.

मैं – May I know who’s number is this?

Unknown person- Hihru ash

मैं- What ??

UP- hru ash

मैं- हरू ऐश ?? मतलब ? I’m not getting you sorry.

UP- its ash..u

मैं- मैं ऐश हूँ ??

UP- ya

मैं- No.. I’m not Ash.

UP- donn ly I no its u ash u

मैं- Its wrong number. By the way May I know who are you? आप कौन हैं?

UP- Gs m

मैं – ???? मतलब

UP- k ll u in mum whr u I cm

मैं- ?? What

UP- lng time no c I’m ur schl fnd cusin mt u 1nc in 83

मैं- please write in hindi or call me.

UP- u big str fvrt my fmly ll cm ur shotng

UP- donn cl nw cl m aftr lnch I nt fr lving by plan tmrow..

मैं चक्कर में पड़ गया क्योंकि ये क्या कहना चाह रहे हैं? ये कौन हैं? मेरी समझ में नहीं आ रहा था. मैंने समस्या के समाधान के लिए इस SMS कॉन्वर्सेशन को अपने बेटों के सामने रख दिया, उनसे पूछा कि क्या ये शॉर्ट हैंड भाषा है? वे देखते ही ताड़ गए बोले पापा ये शॉर्ट हैंड नहीं, कट शॉर्ट लैंग्विज है, इसका इस्तेमाल वे लोग करते हैं जिनको काम चलाऊ थोड़ी बहुत इंग्लिश आती है.

इतने मैं हम चार लोगों के परिवार में सबसे अधिक पढ़ी लिखी व सहज बुद्धि की स्वामिनी परम प्रिय रेणुका जी का आगमन हुआ. उनकी अदालत में केस पुटअप किया गया. फ़ाइल पर सरसरी निगाह डालते ही वे खिलखिला कर हँसते हुए बोलीं राणाजी, ये इस भाषा का इस्तेमाल इसलिए करते हैं जिससे स्पेलिंग मिस्टेक और ग्रामर के साथ इनके द्वारा किया जा रहा अत्याचार पकड़ में ना आए. और इनकी पढ़े लिखे आदमी की इमेज भी बनी रहे.

मैंने कहा लेकिन आजकल तो फ़ोन बहुत स्मार्ट होते हैं, वे किसी भी शब्द को ऑटोकरेक्ट कर देते हैं. फ़ोन ख़ुद ही आपकी इमेज को बना देता है.

ये सुनके बच्चे ठहाका मार के हँस पड़े- बोले पापा आप भी कमाल करते हैं!

मैंने कहा क्यों? इसमें क्या ग़लत है? फ़ोन में ऑटोकरेक्ट ऑप्शन होता है.

रेणुका जी ने मध्यस्थता करते हुए प्रशासनिक सुर में कहा- ऑटोकरेक्ट उनके काम का होता है जिनको करेक्ट में कन्फ़्यूज़न हो. इनको करेक्ट ही नहीं पता तो बेचारा ऑटोकरेक्ट क्या कर लेगा? ये कन्फ़्यूज़न नहीं फ़्यूज़न ऑफ़ लैंग्विज है राणाजी.

इनको अगर आप करेक्ट लिखके जवाब देंगे तो इनको लगेगा कि आप इनकी इन्सल्ट कर- इनको करप्ट साबित कर रहे हैं. ये सिम्बॉलिक लेंगवेज है, इन्होंने आपको सजेस्ट कर दिया, अब समझना आपकी प्रॉब्लम है, कि वे क्या कहना चाहते हैं? जैसे जय श्री कृष्ण पूरा ना लिख के JSK लिखा जाता है, या जय माता दी का JMD वैसा ही.

मेरे बड़े बेटे ने कहा फ़ोन मुझे दीजिए मैं आपको समझता हूँ. अब चिरंजीव ने क्रम से उस अनजान पर्सन के सवालों को डीकोड करना शुरू किया..

Hihru ash मतलब hi how are you Ash ..

ऐश सुनके मैं चौंका !! ऐश मतलब?

पुत्र बोले पापा वे आपके नाम आशुतोष को प्यार से शोर्ट्कट में आशु की जगह ऐश कह रहे हैं. जिससे आपको पता चले कि वे आपके लिए आशु से भी ऊपर वाली क्लोज़ कैटेगरी में हैं.

मैंने पूछा अपनेपन से ऊपर वाली और कौन सी क्लोज़ कैटेगरी है भाई?

रेणुका जी हँसते हुए बोलीं राणाजी एक होता है ज़बरदस्त अपनापन, और एक है ज़बरदस्ती का अपनापन.

तो ये ज़बरदस्ती का अपनापन है. या तो आपको इन्हें बर्दाश्त करना पड़ेगा या आप इनको बुरी तरह डाँटेंगे. और ध्यान रखिए दोनों ही परिस्थिति में नुकसान आपको है, और फ़ायदा उनको.

मैंने कहा- क्यों ? नुक़सान मुझे क्यों होगा?

रेणुका जी क्लिनिकल सायकॉलॉजिस्ट के अन्दाज़ में बोलीं- बीकज़ यू हैव सम्थिंग टू लूज़ माई डियर. आप जो लूज़ करेंगे ये आदमी उसे गेन करेगा. आपके लूज़ करने पर ही इनका गेन टिका हुआ है.

अपनी माँ के सुर में सुर मिलाते हुए पुत्र द्वय खिलखिला के हँस पड़े.

मैंने कहा ओके.. इसके बाद वाला जो #hru ash लिखा है उसमें से इन्होंने Hi निकाल के H फ़ॉर-How (हाउ), R फ़ोर-are (आर) और U फ़ोर you (यू) ऐश कर दिया ? करेक्ट ?

बच्चे बोले करेक्ट, गुड गोइंग पापा.

अब छोटे चिरंजीव बोले- फिर ये जो its ash u है ये उनका कॉन्फ़र्मेटिव टेस्ट है, कि तुम ऐश ही हो ना?

अब आप आइए अगले सेंटेन्स पर, आपने उनको मना किया कि नहीं, मैं ऐश नहीं हूँ.

उसने लिखा donn ly i no its u ash u.. इसका मतलब है डोंट लाय, मैं जानता हूँ ये तुम हो ऐश, तुम ही हो. मुझे भौंचक्का देख दोनों भाई बेतहाशा हँसने लगे. मैंने अब उनका ध्यान Gs m पर किया और दबे स्वर में पूछा और ये क्या है?

बच्चों ने Gs m के पहले मैंने जो लिखा था उसे पढ़ा, हू आर यू? और कहा कॉमनसेंस पापा.. आपने पूछा आप कौन हैं? वे आपसे कह रहे हैं Gs m मतलब गेस मी? आप पहचानिए उनको, वे कौन हैं?

मैंने पूछा इसके आगे जो कुछ लिखा है क्या उसका मतलब समझा सकते हो?

अब दोनों भाई गम्भीर हो गए क्योंकि मार्ग कठिन से कठिनतम होता जा रहा था.

बड़े पुत्र अनजान पर्सन के इस वाक्य को घूरने लगे k ll u in mum whr u I cm.. और दो मिनिट तक घूरने के बाद अचानक ख़ुशी से उछल पड़े और चिल्लाते हुए बोले आई गॉट इट.. पापा, इसका मतलब है ओके. ( ठीक है )। विल ( सर्प्राइज़ ) यू. ( तुम्हें सर्प्राइज़ दूँगा ). इन मुंबई. ( मैं मुंबई में हूँ )। वेर यू ( तुम कहाँ हो? ).

I cm ( मैं आता हूँ.) मैं आश्चर्य से बच्चों को देख रहा था. रेणुका जी ने कहा कि इस भाषा को लिखने वाला नहीं पढ़ने वाला मास्टर होता है. क्योंकि इसमें कॉमा, फ़ुलस्टॉप से लेकर, आगे-पीछे-बीच के मिसिंग लैटर्स लगाने की ज़िम्मेदारी पढ़ने वाले की होती है. इट्स अ रियल टेस्ट ऑफ़ युअर एजुकेशन.

बच्चों को अब डीकोड करने में मज़ा आने लगा, छोटे बेटे ने कहा नाउ माई टर्न, विल टीच यू हाउ टू रीड.. और बोलना शुरू किया… पापा, सबसे पहले आपको इस पूरे सेंटेन्स को ब्रेक करना पड़ेगा जैसे इसमें तीन बातें कही गयी हैं, lng मतलब- L के बाद O आप ख़ुद लगा लेंगे तो वो लॉंग हो जाएगा.

नाउ रीड दिस .. lng time no c.. C यानि See ( अपनी एक लम्बे समय से मुलाक़ात नहीं हुई ) । I’m ur schl fnd cusin.. इस सेंटेन्स में Sch के बाद oo आप लगाइए तो वो School हो जाएगा, फिर fnd में f के बाद rie लगाने के लिए आप रेस्पॉन्सिबल हैं, तो rie लगा के उसे friend बना लीजिए। फिर cusin इसमें अगेन यू हैव टू पुट O आफ़्टर C.. सो इट्स Cousin ( मैं तुम्हारे स्कूल फ़्रेंड का कज़िन हूँ ).

mt u 1nc in 83 ( एक बार तुमसे मेरी मुलाक़ात हुई है 1983 में।) मैं विस्मय से छोटे बेटे को देख रहा था, कि उसने अगला सेंटेंस मेरी तरफ़ बढ़ाया बोला अब आप ट्राई कीजिए, दिस इज़ टुडे’ज़ लेंगवेज. यू नीड टू लर्न दिस पापा. ट्राई.. आई विल असिस्ट यू.. मैंने धैर्य से उस सूक्ति वाक्य को देखा, उसे बच्चों द्वारा सिखाई विधि के अनुसार पार्ट्स में बाँटा, कुछ अक्षर डाले, कुछ अन्दाज़ लगाया और मेरी समस्या हल हो गई..

१- u big str..( तुम बड़े स्टार हो )
२- fvrt my fmly..( मेरी फ़ैमिली के फ़ेवरेट हो )
३- ll cm ur shotng.. ( हम तुम्हारी शूटिंग पर आएँगे ) मुझे प्रसन्नता इस बात की थी कि बच्चों ने भाषा के अनर्थ में छिपे हुए भाव के अर्थ को निकालना सिखा दिया था.

और ग़ुस्सा इस बात का था कि जिस आदमी को मैं जानता ही नहीं. जिससे मैं कभी मिला भी नहीं. वो मुझसे मिलने का दावा ठोक रहा है अपने कज़िन के साथ, कज़िन मतलब क्या ?? चचेरा/ ममेरा/ फुफेरा भाई या बहन ???? वो भी आज से ३४ साल पहले जब वो और मैं दोनों ही बच्चे थे. अपने कज़िन का नाम नहीं बता रहा है, अपना नाम नहीं बता रहा, और मुझसे गेस करने के लिए कह रहा है, कि मुझे पहचानो- वो भी इतने अधिकार से जैसे उसको पहचानना मेरा नैतिक दायित्व है, या राष्ट्रीय कर्तव्य.

मैंने चिढ़े हुए ही उसका अगला वाक्य पढ़ा- donn cl nw cl m aftr lnch I nt fr lving by plan tmrow
बताई गई विधि से इस बेहूदे वाक्य को डीकोड किया और बुरी तरह चिढ़ गया.

१- donn cl nw ( अभी फ़ोन मत करो, क्योंकि उसकी ऊटपटाँग भाषा देख कर मैंने उससे बात करने की कोशिश की थी ताकि मैं पता कर सकूँ कि ये कौन सज्जन हैं? किंतु वे फ़ोन कट कर रहे थे.)
२- cl m aftr lnch I nt fr ( लंच के बाद फ़ोन करो, मैं अभी फ़्री नहीं हूँ.)
३- lving by plan tmrow ( कल हवाई जहाज़ से वापस जा रहा हूँ. )

मैंने कहा अजीब आदमी है ये !! मेसजेज़ ऐसे भेज रहा है जैसे मैं मरा जा रहा हूँ इनसे मिलने?

मुझे चिढ़ा हुआ देख रेणुका जी ने हँसते हुए कहा शांत गदाधारी भीम.. वो जो भी है उसको आपसे ‘बात करने में’ इंट्रेस्ट नहीं है, वो आपसे सिर्फ़ SMS के ज़रिए ही बात करना चाहता था, जिससे वो आपके ऑफियल नम्बर से हुए कॉन्वर्सेशन को सेव कर सके, लोगों को दिखा सके, इससे लोगों पर उसका प्रभाव पड़ेगा कि वो आपका लंगोटिया यार है, वो आपको यूज़ नहीं मिस्यूज़ करना चाहता है.

आपने उस अनजान पर्सन के मैसेजेस के जवाब आउट ऑफ़ कर्टेसी दिए, उसकी बात आपको समझ नहीं आ रही थी तो आपने उसको फ़ोन लगाया जो उसके पास अब रिकॉर्डेड प्रूफ़ है, कि उसने नहीं, आपने उसको फ़ोन किए. और आपका उसको फ़ोन करना- उसके, आपके जितना ही महत्वपूर्ण होने का प्रूफ़ है.

वो आपसे मिलके जो नहीं पा सकता, उसे वो आपसे मिले बिना ही पा लेगा. सो नेक्स्ट टाइम बी केयरफ़ुल. छोटे चिरजीव ने लगभग फुसफुसाते हुए मेरे कान में कहा माँ इज़ राइट. आप बहुत जल्दी लोगों पर ट्रस्ट करते हैं, उनको सीरीयस्ली ले लेते हैं.. सॉरी टू से पापा, बट यू नीड टू एजुकेट योर सेल्फ़.

उसकी बालसुलभ स्पष्टवादिता से मैं विस्मयाभूत सा सोच में पड़ गया, मुझे लगा कि ये शायद ठीक कह रहा है. एजुकेट होने के मायने अब बदल चुके हैं, अब किसी व्यक्ति को, व्यवस्था को, सम्पर्क को, सम्बंध को यूज़ करना नहीं मिस्यूज़ करना आना चाहिए. कलयुग में इसलिए ‘राम से बड़ो राम को नाम’ पर ज़ोर दिया जाता है. क्योंकि जो काम राम नहीं कर सकते, वो काम राम का नाम पल भर में कर देता है. ये सक्सेस का नया फ़ंडा है मिस्यूज़ द यूस्फ़ुल.

– आशुतोष राणा

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