भारतीय किसान एवं हिन्दू सेवा संघ का राष्ट्रीय अधिवेशन

अन्नदाता सबसे बड़ा साधक है, वेद वर्णित ऋषि-कृषि परंपरा की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य- स्वामी कृष्णानन्द महाराज

भीलवाड़ा/मंदसौर. भारत कृषि और ऋषि परम्परा का देश है. यहां कृषि को एक आध्यात्मिक कार्य के रूप में मान्यता है. आज किसानों को कृषि के वास्तविक उद्देश्य को जानना अति आवश्यक है.

कृषि का उद्देश्य धन कमाना ही है तो खाद्यान्न के उत्पादन की मात्रा बढ़ाना ही एक मात्र लक्ष्य बन जाता है. अन्नदाता सबसे बड़ा साधक है. हमारी वेद वर्णित ऋषि-कृषि परंपरा यही तो बताती है इसलिये हम सभी का कर्तव्य है कि हम इसकी रक्षा करें.

उक्त विचार राष्ट्रीय गौसेवा संघ के राष्ट्रीय संरक्षक एवं बगुलामुखी शक्तिपीठ के पीठाधीश्वर स्वामी कृष्णानन्द महाराज ने भारतीय किसान एवं हिन्दू सेवा संघ द्वारा आयोजित प्रथम राष्ट्रीय अधिवेशन, संत सम्मान एवं भगवा वाहन रैली के समापन के अवसर रविवार 20 मई 2018 को कोटडी चारभुजा में व्यक्त किये.

श्री श्री ने कहा कि किसानों के जीवन में आध्यात्मिकता का होना अत्यन्त आवश्यक है. आध्यात्मिकता से सदविवेक जागृत होता है. आत्मा की शुद्धिकरण के साथ-साथ विषमुक्त खेती करने के लिए ईश्वरीय ज्ञान को प्राप्त करना अति आवश्यक है. यह ज्ञान सम्पूर्ण मानव जाति के कल्याण हेतु कर्म करने के लिए प्रेरित करता है. परमात्मा ही हम आत्माओं और प्रकृति का पालनहार है. गाय को राष्ट्र माता का दर्जा शीघ्र दिया जाना चाहिए. यात्रा के द्वारा 17 राज्यों में गो माता के प्रति समाज को जगाने का कार्य किया जा रहा है.

संत सम्मान एवं भगवा वाहन रैली के साथ कोटड़ी चारभुजा में सम्पन्न

भारतीय किसान एवं हिन्दू सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अंकित बांगर ने कहा कि संगठन का उद्देश्य हिन्दुओं में एकजुटता एवं किसानों के कल्याण की रहेगी, शासन के माध्यम से भी संगठन का कार्यकर्ता किसान भाईयों को योजनाओं का लाभ दिलवाने में अग्रणी साबित होंगे. राजस्थान और मध्यप्रदेश में गठन के बाद शीघ्र ही अन्य राज्यों में संगठन का विस्तार किया जाकर तहसील स्तर तक अपने कार्यकर्ता को तैनात किया जायेगा. आपने युवाओं से आव्हान किया है कि भारतीय किसान एवं हिन्दू सेवा संघ से जुड़कर हिन्दुस्तान में एकजुटता का परिचय दे.

कार्यक्रम को कई प्रख्यात संतों द्वारा सम्बोधित किया एवं भगवा सम्मान यात्रा में अयोध्या, काशी, वाराणसी, हरिद्वार, ऋषिकेश, मथुरा के संत शामिल हुए. अखिल भारतीय निर्मोही अखाड़ा, निर्वाणी अखाड़ा, दिगंबर अखाड़ा, उदासीन अखाड़ा एवं अग्नि अखाड़ा के संतों ने गाय को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने का संकल्प कराया. इस अवसर पर समस्त संत समाज का सम्मान भारतीय किसान एवं हिन्दू सेवा संघ द्वारा किया गया.

कार्यक्रम में राष्ट्रीय गौसेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश मानसिंहका, संगठन महामंत्री दिलीप धनराज गुप्ता, राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी शैलेन्द्र तेनगरिया, प्रदेश संगठन मंत्री बालकृष्ण मून्दड़ा, प्रदेश मंत्री कुलदीप शर्मा, जिला अध्यक्ष नाना लाल बैरवा, संगठन मंत्री मुकेश शर्मा, मंदिर ट्रस्ट के सचिव श्यामसुंदर चेचाणी, भाजपा मंडल अध्यक्ष योगेंद्र सिंह, भाजयुमो अध्यक्ष एडवोकेट सत्यनारायण तेली, धर्मीचंद जीनगर, सुदर्शन गाड़ोदिया, नारायण लाल प्रजापत, रतन लाल आचार्य, अशोक सेन, हीरा लाल माली,भाजपा महिला आईटी सेल की निर्मला सोनी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी की शोभा वैष्णव, गो सेवा संघ की जिलाध्यक्ष विद्या भंडारी आदि मौजूद थे.

कार्यक्रम से पूर्व संकट मोचन हनुमान मंदिर भीलवाड़ा से वाहन रैली के रूप में भगवा सम्मान यात्रा रविवार को कोटड़ी पहुंची. नेहरू नगर हनुमान मंदिर के पास संतों का स्वागत किया गया. तहसील संयोजक रामस्वरूप गुर्जर के नेतृत्व में संतों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया. शोभायात्रा चारभुजा मंदिर पहुंची. भगवा रैली का जगह-जगह ग्रामवासियों द्वारा भव्य स्वागत किया गया.

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