जहां मौका मिले, प्रकट हो ही जाता है उनके भीतर का पशु

कल मुंबई में एक भाषण था. गोवा में इसाइयत ने क्या क्रूरता बरती उस का तत्थ्यात्मक विवरण था. जैसे जैसे मैं सुनता गया, मुझे इस्लाम की भी याद आती गयी. वैसे बाइबल, और खास कर गोस्पेल या ईसा चरित्र, कुर’आन जितनी क्रूरता की सीख नहीं देता. और ईसाई भी ओल्ड टेस्टमेंट से उसी तरह कन्नी … Continue reading जहां मौका मिले, प्रकट हो ही जाता है उनके भीतर का पशु