पत्थरों की कमी हो जाने की वजह से समाप्त नहीं हुआ था पाषाण युग

इसी वर्ष मार्च और अप्रैल में मैंने लिखा था कि अधिकाँश भारतीयों में खराब शिक्षा व्यवस्था, वर्षो की गुलामी और उसके बाद एक परिवार के शासन के कारण हीन भावना है, महत्वाकांक्षा और जुनून की कमी है.

आत्मविश्वास की कमी के कारण हम नए युग की चुनौतियों को टक्कर नहीं दे पाते, और अवसरों का लाभ नहीं उठा पाते.

अभी हाल ही में अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट द्वारा भारतीय उद्यम फ्लिप्कार्ट को 1.30 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक भुगतान करके खरीद पर उठे शोर और आलोचना को इसी सन्दर्भ में देखा जाना चाहिए.

किस देश में वॉलमार्ट ने कहर बरपाया है? क्या कोई उदहारण दे सकते हैं?

अगर अमेरिका में वॉलमार्ट अमेज़न को नहीं पछाड़ पाया, तो क्या यह कंपनी भारत में फ्लिप्कार्ट खरीद कर भारतीयों को पछाड़ देगी?

क्या वॉलमार्ट भारत के पड़ोसी देशो में अपने स्टोर और गोदाम बनाएगी? क्या सारा का सारा स्टाफ वह अमेरिका से लाएगी?

आखिर यह कंपनी इस पूँजी का निवेश कहाँ करेगी, कहाँ से सामान खरीदेगी, किसके ट्रकों पर उस सामान को लाया जाएगा?

कौन सी कूरियर सेवा का प्रयोग होगा, कहाँ से बैंकिंग होगी? इनके कर्मचारी रहेंगे कहाँ पर, खायेंगे कहाँ पर? क्या यह सब का सब विदेशों में होगा?

क्या कोका कोला और पेप्सी के आ जाने से, उनके चिप्स बनाने से भारत में हल्दीराम, बीकानेरवाला, लोकल हलवाई की दुकाने बंद हो गयी या बिज़नेस कम हो गया? या फिर मैक्डोनाल्ड के आने से सरावना भवन में भीड़ कम हो गयी?

BBC और CNN भारत में कई वर्षो से उपलब्ध हैं, क्या आप लोकल न्यूज़ चैनेल छोड़कर विदेशी समाचार नेटवर्क को देखने लगे हैं?

अगर हमें वॉलमार्ट द्वारा भारतीय कंपनी को खरीदने पर आपत्ति है, तो क्या हमें टाटा को ब्रिटेन की प्रतिष्ठित कार कंपनी जैगुआर और कोरस स्टील कंपनी खरीदने से रोकना चाहिए था?

या फिर भारती एयरटेल को अफ्रीका के 15 देशों में प्रथम या द्वितीय सबसे बड़े मोबाइल ऑपरेटर बनने से रोकना चाहिए था? और उन भारतीय दवा कंपनियों का क्या होगा जो विदेशो में दवा कम्पनियाँ खरीद रही है?

क्या हमारे ONGC को भी वेनेजुएला, रूस और कजाखस्तान से लेकर दक्षिण सूडान जैसे 13 देशो में तेल और गैस परियोजनाओं में हिस्सेदारी नहीं लेनी चाहिए?

हम आईपीएल को अमेरिकी-ऑस्ट्रेलियाई रुपर्ट मुर्डोक के स्टार स्पोर्ट्स पर निःसंकोच देखेंगे, अमेरिका में आविष्कारित और चीन में बने कंप्यूटर और सेल फ़ोन खरींदेंगे, लेकिन वही माल फ्लिपकार्ट की जगह वॉलमार्ट से डिलीवर होने पर शोर मचाएंगे.

इस 14-15 मई को संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने वियना में कहा कि पाषाण युग इसलिए समाप्त नहीं हुआ क्योंकि उस युग में पत्थरों की कमी हो गयी थी.

इसी तरह जीवाश्म ईंधन (कोयला, पेट्रोल और डीजल) का प्रयोग इसलिए नहीं बंद होगा क्योंकि भूमि के नीचे कोयला और कच्चा तेल ख़त्म हो गया.

नए युग का आरम्भ तब होता है जब नयी प्रौद्योगिकियां उपलब्ध होती हैं, जब सरकारें और अन्य संस्थान मानवता के लाभ के लिए व्यवस्था को बदलने के लिए उपलब्ध नयी तकनीकी का उपयोग करने की आवश्यकता को समझते हैं.

डिजिटल क्रांति और उस क्रांति से निकला भूमंडलीकरण एक वास्तविकता है. हम इससे भाग नहीं सकते. तो क्यों न इस नए युग का, नयी तकनीकी का लाभ उठाया जाए.

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