मोदी सरकार की ये ज़िद है, काम करने की

ये ज़िद ही है काम करने की… समाज के उस अंतिम छोर पर खड़े आदमी तक सुविधा पहुँचाने की…

शहरों के आलीशान अट्टालिकाओं में बैठ के देश की, देश के पिछड़े, दलितों और आदिवासियों की चिंता करना आसान है…

लेकिन जब चिंता की जगह चिंतन करके, उन पिछड़े, दलितों और आदिवासी को सबल बनाने के लिए किसी कर्मयोगी और दूरदर्शी की ही जरूरत होती है तब इसके लिए कोई ‘मोदी की योजना’ ही चाहिए होती हैI

अभी तक आपने बस्तर का नाम सिर्फ तब सुना होगा जब उस इलाके के तस्कर, माओवादी, आतंकवादी, शहरों में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर गोलियाँ चलाकर जवानों की हत्या करते हैं…

उसी बस्तर में असल आदिवासियों को समस्याओं से मुक्त करा कर मुख्य धारा में लाने और उनके जीवन को खुशहाल करने की ज़िद लेकर काम मोदी सरकार कर रही है… कर्मयोगी की योजनाएँ समाज के पिछड़ों और अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को ताकत देती हैं…

ये तस्वीरें जगदलपुर से 70 किलोमीटर दूर बस्तर डिवीज़न के कोण्डागाँव की है जहाँ केंद्र सरकार की योजना पहुँच रही है…

मुद्रा योजना से लेकर, सरकारी अनुसन्धान और औद्योगिक संस्थाओं के आविष्कारों को गाँव, देहात और जंगलों तक पहुँचाया जा रहा है…

ये अब कर्म सिद्धि की ओर बढ़ चला है… इस योजना के अंतर्गत CSIR का काम पहुँचने लगा है इन दुरूह जगहों पर पहली बार… और यहाँ की जनता ने हाथों हाथ लिया है काम को…

भारत सरकार के CSIR की लैब ने खेतों, जंगलों और वनस्पतियों से उत्पाद बनाने की तकनीकी को बस्तर के अंदर पहुँचा दिया है…

नमन है इन वैज्ञानिकों को जिन्होंने इस चुनौती को न सिर्फ स्वीकारा, बल्कि पूरे जोश से पूरा कर रहे हैं… कर्मयोगी सरकार हो, उसका साथ हो तो कुछ भी संभव है…

तस्वीरों में आदिवासी lemon grass से निकले जूस की distillation तकनीकी सीख कर उसको डब्बा बंद करके शहरों में भेजने को आतुर हैं…

जल्द ही यहाँ से निकले natural और herbal उत्पाद मिलेंगे आपके शहर में… इसको online बेचने खरीदने की सुविधा भी जल्द (जुलाई से) शुरू होगी…

आप सब इन उत्पादों को खरीदिए… ज़रूर खरीदिए… आपकी एक खरीद मुख्यधारा में जुड़ने को तत्पर इन पिछड़े आदिवासिओं के परिवार के जीवन में रंग भरेगी…

बस्तर के आदिवासियों ने शहरी माओवादियों ने मुंह पर थूक दिया है और बताया है कि जंगलों में डेरा डाले हथियार बंद लोग वो नहीं बल्कि शहरी माओवादी तस्करों के भाड़े के गुण्डे हैं…

जय बस्तर… जय भारत…

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