ब्रा उतारकर ब्रेस्ट कैंसर के प्रति किया जागरूक

मई महीने का दूसरा रविवार, तारीख़ तेरह, जब हम मदर्स डे मना रहे थे, ठीक उसी दिन फ्रांस की राजधानी पेरिस के एफिल टावर के सामने कुछ माएँ अपनी ब्रा उतारकर महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूक कर रही थीं.

दुनियाभर से आई महिलाओं ने एफिल टॉवर के सामने ब्रा उतारकर इस गंभीर बीमारी के लिए लोगों को जागरूक किया. स्वयंसेवी संस्था पिंक बाज़ार की तरफ से आयोजित ‘पिंक ब्रा टॉस’ नाम के इस इवेंट में महिलाओं ने ब्रेस्ट कैंसर के खिलाफ लड़ने के लिए एकजुटता दिखाई.

इवेंट पर संगठन ने कहा कि ‘हमने ब्रा को महिलाओं के स्तनों का स्वास्थ्य प्रतीक बनाया है जो कि हर दिन उन्हें अपने लिए सही निर्णय लेने की याद दिलाएगा. ब्रा उतारकर यह संदेश देने की कोशिश की गई कि पुरूषों और औरतों को मिलकर इस बीमारी के खिलाफ लड़ना है.

यह संगठन हर साल इस इवेंट का आयोजन करता है. इस साल संगठन ने दुनियाभर से महिलाओं, समूहों और बिजनेस लीडर्स को आमंत्रित किया था.

ब्रेस्ट कैंसर दुनियाभर में एक गंभीर बीमारी का रूप लेता जा रहा है. महिलाओं में होने वाले कैंसर में ब्रेस्ट कैंसर प्रमुख है, लेकिन सच तो यह भी है कि रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में थोड़े से बदलाव लाकर और कुछ सावधानियां बरतकर इस बीमारी से बचा जा सकता है.

महिलाओं की एक बड़ी संख्या ऐसी जानकारियों से अछूती हैं. भारत की बात करें तो यहां ब्रेस्ट कैंसर के संबंध में जागरूकता का घोर अभाव है. इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि पश्चिमी देशों की तुलना में यहां इस रोग के मरीज़ो की संख्या कम होने के बावजूद जानकारी के अभाव में इससे होनेवाली मौतों की संख्या कहीं ज़्यादा है.

कोई शक नहीं कि कैंसर बस नाम ही काफी है एक हंसते-मुस्कुराते इनसान को आधी मौत मारने के लिए. शायद यही वजह है कि दुनिया में जितनी मौतें कैंसर की भयावह स्थिति के कारण नहीं होतीं, उससे कहीं ज्यादा मौतें डर और इसकी जानकारी के अभाव में होती हैं.

वर्ष 2015 में जारी शोध ‘ग्लोबल बर्डन ऑफ कैंसर 2013’ के मुताबिक दुनिया भर में महिलाओं में अन्य प्रकार के कैंसर के मुकाबले ब्रेस्ट कैंसर के मामले कहीं ज्यादा हैं. वर्ष 2013 में दुनियाभर में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के 18 लाख नये मामले सामने आये, जो अन्य प्रकार के कैंसर के नये मामलों के मुकाबले काफी ज्यादा हैं. भारत भी इससे अछूता नहीं है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा वर्ष 2014 में जारी कैंसर कंट्री प्रोफाइल रिपोर्ट के अनुसार भारतीय महिलाओं में कैंसर के कारण होनेवाली कुल मौतों में सबसे ज्यादा 21 फीसदी मौतें स्तन कैंसर के कारण होती हैं. अनुमान लगाया जा सकता है कि भारत में यह रोग कितनी तेज़ी से फैल रहा है.

भले ही भारत में ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में बढ़ोतरी हो रही हो, लेकिन सतर्कता और सावधानी बरत कर 90 से 95 प्रतिशत महिलाएं खुद को इसकी चपेट में आने से रोक सकती हैं.

महिलाएं पूरे परिवार का ध्यान रखना जानती हैं, पर अकसर अपने स्वास्थ्य की उपेक्षा करती रहती हैं. यह सही नहीं है. अगर कभी आपको आपको अपने शरीर के किसी भी भाग में किसी तरह की असामान्यता के लक्षण दिखें, तो तुरंत अपने घरवालों को बताएं. डॉक्टर से संपर्क करें. झिझके नहीं. खुल कर अपनी समस्याएं बताएं.

याद रखें, परदा या सम्मान अपनी जगह है, पर स्वास्थ्य सबसे ऊपर है. आप स्वस्थ रहेंगी, तभी बाकियों को स्वस्थ रख पायेंगी. बीमारी अगर हो भी गयी हो, तो घबराएं नहीं. आपका रवैया जितना सकारात्मक होगा, इस बीमारी का इलाज भी उतना ही आसान और जल्दी होगा.

और हाँ, ज़रूरत इस बात की भी है कि हम अपने देश में भी ‘पिंक ब्रा टॉस’ जैसे आयोजनों को जगह दें… अपने घोषित नैतिक मूल्यों को सिरहाने रखकर… क्योंकि जान है तो ज़हान है…

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