अपनी तो आप लोग जानों, पर नॉर्थईस्ट में ज़िंदाबाद रहेगी बीजेपी

पिछले कुछ दिनों से जब नेशनल मीडिया में असम, अरुणाचल, त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर भारत के राज्यों की चर्चा होती नजर आती है तो विश्वास करें मुझसे ज्यादा खुश कौन होगा भला!

जब अपने ही देश के अंदर आपके साथ सेकंडरी सिटीजन की तरह व्यवहार होता रहा हो और सत्ता परिवर्तित होते ही आपके स्टेट की छोटी बड़ी सारी खबरें नेशनल मीडिया पर चलने लगे तो लगता है कुछ तो हुआ है.

जहां आपकी बातें पहले कभी सुनी न जाती हों, लोग हंस लेते हों, वहीं कुछ दिन के भीतर आपकी बातों को लोग गौर से सुनने लगे, आपके लेखों को कबिलेतवज्जो मानने लगे, तो लगता है कुछ तो हुआ ही है.

जिन राज्यों के नाम से ही लोगों के मन में लौहयुगीन सभ्यता का भान होता रहा हो, जिसके लिए लोग अशांत, आदमखोर, मांसखोर या फिर असभ्य और जंगली होने की अवधारणा बना बैठे हो उसी क्षेत्रों में लोग आने के लिए उत्साहित होने लगे तो लगता है कुछ न कुछ तो हुआ है.

जिन पर पहले से ही चीन समर्थित होने का अवांछित ठप्पा लगा हो, वे ही कुछ दिनों में राष्ट्रवाद और हिंदुत्व के प्रतीक बनकर सामने आने लगे तो विश्वास हो जाता है कुछ न कुछ तो जरूर हुआ है.

यही विकास का प्रथम चरण है.

विकास के क्रम में पहचान मुख्य है. विकास एक दिन में नहीं हुआ करता. ये एक सतत प्रक्रिया है. सड़के बनती रहेंगी, रोड बनते रहेंगे. ये लॉन्ग टर्म प्रोजेक्ट होते हैं. इनका परिणाम वर्षों के बाद दिखता है.

लेकिन बड़ी बात है कि नार्थईस्ट को अब देश मे बराबरी का अवसर मिलता दिख रहा है. लोग नार्थईस्ट में आने से अब डरते नही हैं. असम में पिछले दो वर्षों में आने वाले पर्यटकों की संख्या दुगुनी हो गयी है. पूरा भारत हमें सुन रहा है, हमारी समस्याओं को महसूस कर रहा है. हमारी परिस्थितयों और पिछड़ेपन के बारे में लोग पढ़कर, देखकर जान रहे हैं. लोगो का नज़रिया हमारे प्रति सकारात्मक हुआ है.

यही हमारा विकास है जिसे हमने पिछले चार वर्षों में महसूस किया है.. बाकी सब कुछ धीरे धीरे होता रहेगा. मेरे घर के गेट के सामने की जो सड़क नदी की तरफ जाती है आज भी कच्ची है… लेकिन मुझे भरोसा है जब सरकार बदली है, नज़रिया बदला है, सब कुछ बदलता दिख रहा है तो नार्थईस्ट की परिस्थितियां भी जल्दी ही बदलेंगी.

2014 के बाद से ही पूर्वोत्तर भारत का विकास प्रधानमंत्री जी की प्राथमिकताओं में रहा है. पूरे भारत के बारे में मुझे ज़्यादा नहीं मालूम लेकिन नॉर्थईस्ट में बदलाव महसूस हो रहा है. जिसका प्रतिफल जनता ने असम से लेकर त्रिपुरा तक के चुनावों में दिया है.

नई सरकार ने नॉर्थ ईस्ट को तवज्जो दी है, इसलिए हमने बीजेपी को गले लगाया है. अपने स्थानीय इलाकों का तो आप लोग जानिए पर बीजेपी नॉर्थईस्ट में जिंदाबाद रहेगी… इस बात को तो लिख के ले लो.

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