भारत विभाजन : ससम्मान मुख्यधारा में शामिल किए गए देशद्रोही

राष्ट्रवादिता ने विभाजन के विचार का विरोध किया. जब ये घटनाएँ घटीं, तब उनकी नाराज़ व खुश करने की शक्ति न थी, इसलिए विभाजन विरोध की घटनाएँ फलहीन थीं, महत्त्वहीन थीं. राष्ट्रवादिता केवल शाब्दिक या शब्दहीन विरोध कर सकती थी, इसमें सक्रिय विरोध करने की ताकत न थी. अतः इसका विरोध, समर्पण अथवा राष्ट्रीयता की … Continue reading भारत विभाजन : ससम्मान मुख्यधारा में शामिल किए गए देशद्रोही