हिन्दू होने के साइड इफेक्ट

भारत और कश्मीर सरकारें बधाई की पात्र हैं. इन दोनों के अप्रतिम सहयोग से जम्मू में बसे रोहिंग्या भाइयों की खुशहाली में दिन दूनी रात चौगुनी वृद्धि हो रही है…

रोहिंग्या अब तेज़ी से व्यापार, खेती भी बटाई पर करने लगे हैं. सब्ज़ी, किराना, फल और कबाड़ व्यवसायों पर आधिपत्य हासिल करने की स्थिति में पहुच गए हैं.

जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग से लगे भटिन्दी इलाके के तो राजपाट के मालिक ही रोहिंग्या हो गए हैं. पूरा बर्मा बाजार खुल गया है जिसके मालिक रोहिंग्या हैं. ग्राहकों की कोई कमी नहीं…

कुछ दिन पूर्व इसी गैरकानूनी बाजार और बस्ती की फोटोग्राफी कर रहे पत्रकारों – फोटोग्राफरों की अच्छी तरह पिटाई रोहिंग्याओं ने की. कैमरा छीनकर तोड़ दिया गया. पुलिस ने तो पिटे हुए पत्रकारों की अर्ज़ी तक लेने से इनकार कर दिया.

फिलहाल ‘सबका साथ -सबका विकास’ योजना की मलाई, रोहिंग्या चाट रहे हैं. आपको यह जानकर हर्ष होगा कि कुछ रोहिंग्याओं ने कार, स्कूटी जैसी सवारियां खरीद ली हैं. रोहिंग्याओं से संबंधित डॉक्युमेंट्रीज़ में नेपथ्य में यह दिखाई दे रहीं हैं.

सरकारों, पुलिस और NGOs की कृपा के चलते घुसपैठिए समृद्ध होने ही थे. जहां रोहिंग्या होते हैं… बच्चा जनने की फैक्ट्रियां तो खड़ी हो जाती हैं…

सिर्फ 6 साल में रोहिंग्या जनसंख्या ढाई गुनी हो चुकी है. अनेक बच्चे बस्ता लेकर स्कूल भी जाते हैं…

मदरसे और मस्जिदें तो खैर खुलनी ही थी… बिजली, पानी, शौचालय उपलब्ध हैं हीं… इन गर्मियों में घरों में कूलर-AC भी लग गए होंगे. सैंयां भए कुतवाल, तो डर काहे का?

मगर शाबाशी के असली हकदार राजस्थान सरकार और गृह मंत्रालय है…

सिर्फ 1250 हिन्दू, स्त्री-पुरुष-जवान लड़कियां… अपना जीवन और इज़्ज़त बचाने की खातिर पाकिस्तान सीमा पार कर जोधपुर पहुच गए… फुटपाथ-सड़क के किनारे मेहनत-मज़दूरी कर अपना पेट पालते थे…

राजस्थान सरकार खूब एक्टिव हो गई… केंद्र ने मदद की… युवा हिन्दू लड़कियां पाकिस्तान में अपनी इज़्ज़त लूटे जाने का वास्ता देती रहीं… मगर भारत-राजस्थान सरकार नहीं पसीजी… सभी को गिरफ्तार कर जबरिया ‘थारपारकर एक्सप्रेस’ में बैठा कर पाकिस्तान भेज दिया गया…

पाकिस्तान में ट्रेन से उतरते ही इन हिंदुओं को गिरफ्तार कर लिया गया… अगले 7 दिन के अंदर 500 हिंदुओं को इस्लाम कुबूल करने के लिए बाध्य कर दिया गया… अनेक हिन्दू बालिकाओं का निकाह मुस्लिम कठमुल्लों के साथ जबरन करा दिया गया…

निरपराध मज़लूम हिन्दू शरणार्थियों और मुस्लिम रोहिंग्या, बांग्लादेशी घुसपैठियों की स्थिति में अंतर देखिए भारत में… अगर रोहिंग्या और बांग्लादेशी भी हिन्दू होते तो भारत सरकार कई साल पहले इन्हें जूते मारकर बर्मा और बांग्लादेश वापस भेज चुकी होती…

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