धन्यवाद भारत सरकार!

एक बहुत अच्छा फैसला करते हुये सरकार ने लालकिला दिल्ली की देखभाल व रखरखाव डालमिया भारत ग्रुप को 5 वर्षों के लिए दे दिया है. डालमिया ग्रुप लाल किले की सुन्दरता को बढाने के लिए कई काम करेगा..

धन्यवाद भारत सरकार.

क्या ऐसा ही कुछ दिल्ली में ही कुतुब मीनार, आगरा में लालकिला, ताजमहल, अकबर की कब्र, फतेहपुर सीकरी में पुराना किला और जयपुर में आमेर का किला, हवा महल आदि जगह पर नहीं किया जा सकता?? इन सभी जगहों को संरक्षण की बहुत जरुरत है. कुतुब मीनार तो इतने बुरे हाल में है कि कई हिस्से टूटे हुये हैं – और विदेशियों पर बहुत गलत असर डालते हैं.

एक और चीज है जो ऐसी जगहों पर काफी बुरी लगती है -और वो है ‘गाइड’ लोगों व सामान बेचने वालों की बदमाशी. मैं अधिकतर ऐसी जगहों पर अपने विदेशी मेहमानों के साथ जाते हुये बहुत परेशान हुआ हूं इन गाइडों और सामान बेचने की कोशिश करते लोगों से.

पिछले 3 बार लालकिला घूमने के समय दो बार गाइड लोगों ने लगभग जबरन गाइड बनना चाहा. एक बार तो मुझे अपने व पत्नी के पहचान पत्र दिखाने पड़े यह साबित करने के लिये कि मैं खुद गाइड नहीं हूँ – परिवार का ही सदस्य हूँ. ऐसे ही एक बार जयपुर में भी हुआ.

सामान बेचने की कोशिश करने वाले भी बहुत परेशान करते हैं. खास तौर से फतेहपुर सीकरी और जयपुर के आमेर के किले में. जहां फतेहपुर सीकरी में दो-तीन बार बहुत झिक झिक झेलना पड़ी इन लोगों की वजह से, वहीं आमेर किले में तो इसी फरवरी के शुरु में ये सामान बेचने वाले बेहूदगी पर उतर आये और मेरे विदेशी मेहमानों के लिए बहुत गन्दा बोलने लगे. मुझे पुलिस को शिकायत करनी पड़ी.

मुझे बहुत खुशी होगी अगर दिल्ली के लालकिले की तरह ही ऐसी ही और भी मुख्य आकर्षण वाली जगहों को प्राइवेट कम्पनियों के हवाले कर दिया जाये.. रखरखाव भी बेहतर हो सकेगा, और जबरदस्ती के ‘गाइड’ व ‘जबरन’ सामान बेचने की कोशिश करने वालों से भी मुक्ति मिलेगा.

धन्यवाद भारत सरकार.

और हां

जय हिंद.

– Shakendra Singh

धन्यवाद भारत सरकार – 2

जो लोग लाल किले के डालमिया ग्रुप के हाथों में चले जाने पर ‘ताजमहल को भी दे देना’ टाइप के जोक बना रहे हैं, उनको शायद मालूम नहीं है कि मोदी सरकार ने ‘एडॉप्‍ट ए हेरिटेज’ के तहत लाल किले और ताजमहल दोनों ही में पर्यटकों के लिए सुविधाएं मुहैया कराने की जिम्‍मेदारी निजी हाथों में दे दी है..

तो मेरे जैसे आगरा में रहने वाले लोग… जिन्हें ताजमहल से बेपनाह मोहब्बत है… जिनकी छत से ताजमहल नजर आता है और वह अपनी छत से ही ताजमहल को देखकर खुद को मल्लिका ए आज़म समझती हैं … उनके लिए खुशी की खबर है…

पिछली 11 अप्रैल को जो बारिश हुई थी उसमें ताज महल को बेहद नुकसान हुआ था, काफी टूट-फूट हुई थी… बाकी अव्यवस्थाएं तो है ही ..गर्मी में पर्यटकों का हाल बेहाल हो जाता है …

तो इन इमारतों के निजी हाथों में जाने से पर्यटकों को फायदा ही मिलेगा और इनकी भी केयर अच्छे से होगी ऐसा मुझे लगता है… तो दिल्‍ली स्थित लाल किले की देखरेख डालमिया समूह करेगा और ताजमहल की देखरेख जीएमआर व आईटीसी ग्रुप करेगा…

करीब 31 प्राइवेट इकाइयों ने सरकार को एप्रोच किया था…. इसमें डालमिया समूह और जीएमआर कांट्रैक्‍ट व आईटीसी पाने में सफल रहीं…

सरकार ने ‘एडॉप्‍ट ए हेरिटेज’ योजना साल 2017 में ही लांच की थी…. यह योजना भारतीय पुरातत्‍व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा प्रमुख धरोहरों के लिए शुरू की गई है. इसमें 100 के करीब धरोहर शामिल हैं… तो अब ये दोनों कंपनियां इन धरोहरों का संरक्षण करेंगी….

डालमिया समूह को लाल किले का कांट्रैक्‍ट पांच साल के लिए मिला है… तो वह हर साल स्‍मारक पर पांच करोड़ रुपए खर्च करेगी…. और अब लाल किले और बाकी इमारतों की दीवारों पर ‘राज लव सिमरन” टाइप जुमले लिखने वालों की आफत आ जाएगी…

– Bhawna Vardan Sharma

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