‘सीता-राम की जोड़ी’ यूँ ही लाखों साल से ‘दाम्पत्य के सबसे सुखद जोड़े’ का पर्याय नहीं

‘भगवान राम’ को जब पिता दशरथ वन जाने की आज्ञा देते हैं तो वो पिता के आदेश का अनुपालन करते हुये वन जाने को प्रस्तुत हो जाते हैं और अपने सभी गुरुजनों, मंत्रिपरिषद के लोग, प्रजाजनों तथा परिजनों से मिलने और अंतिम आज्ञा लेने जाते हैं. इस क्रम में राम सबसे पहले अपनी जननी कौशल्या … Continue reading ‘सीता-राम की जोड़ी’ यूँ ही लाखों साल से ‘दाम्पत्य के सबसे सुखद जोड़े’ का पर्याय नहीं