वो एकजुट हैं देश की बर्बादी के लिए, तो हम भी एकजुट हों अपना देश बचाने के लिए

मई 2014 में जब पहली बार भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई और संसद की सीढियाँ चढ़ने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने जब सीढ़ियों पर मत्था टेका तो देश की राजनीति में उसी वक़्त एक नई शुरुआत भी हुई और विपक्षी खेमे में भूचाल भी आ गया.

जिस संसद को कांग्रेस और उसके चाटुकार अपनी जागीर समझते रहे, उस संसद को पहली बार किसी ने लोकतंत्र का मंदिर समझकर मत्था टेका था.

यहीं से कांग्रेस और उसके तलवे चाटने वालों को अंदाज़ हो गया था कि इस आदमी ने यहाँ मत्था टेका है और अब ये हमें घुटनों के बल टिका देगा.

इस देश के इतिहास में पहली बार आम चुनावों के खत्म होने के तुरंत बाद ही अगले चुनाव की तैयारियाँ शुरू कर दी गईं थीं.

सिस्टम में बरसों से घूसखोरी, चंदाखोरी, अवॉर्डखोरी करते आये तमाम अफसरों, बाबुओं, NGO, पत्रकारों, साहित्यकारों, फिल्मकारों और इस तरह के तमाम लोगों को ‘हरामख़ोरी का नमक’ अदा करने की ताक़ीद दे दी गई क्योंकि वफ़ादारी का कांग्रेस से दूर दूर तक नाता नहीं है.

एक के बाद एक एजेंडा सेट किये जाने लगे, देश में माहौल बिगाड़ने की कोशिशें की जाने लगी, देश की जनता और देश का जान माल का नुकसान किया जाने लगा क्योंकि सत्ता के नशे में चूर रहने वालों को सत्ता से बाहर रहना बर्दाश्त नहीं हो रहा है.

हर तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं और अपनाए जाते रहेंगे. 2019 का चुनाव इस देश के इतिहास का अब तक का सबसे दिलचस्प, सनसनीखेज़, खतरनाक चुनाव होने वाला है.

एक व्यापार या नौकरी को ही जमने में वर्षों लग जाते हैं फिर ये तो सदियों तक छले गए, लूटे गए, तहस नहस किये गए राष्ट्र के पुनर्निर्माण का मामला है, इसमें समय लगेगा.

देशद्रोहियों, हिन्दू विरोधियों को 2014 से भी बुरा सबक सिखाये जाने की ज़रूरत है. देश को अपने पिता की जागीर समझकर लूटने वालों, मनमानी करने वालों को बोरिया बिस्तर समेटकर अपने ‘मायके’ और ‘ननिहाल’ भेजे जाने की ज़रूरत है.

अपने निजी फायदे नुकसान से ऊपर उठकर राष्ट्र और हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर अवसर और राष्ट्र बनाकर जाना है. वरना हमारे बच्चे हमें कभी माफ नहीं करेंगे. वो इतिहास पढ़ेंगे तो यही कहेंगे कि आप लोगों के पास एक करिश्माई नेता था, अगर थोड़ा साथ दिया होता तो आज हमारी ये हालत न होती.

अवसर सामने है, कल को पछतावा न हो इसलिए सारे गिले शिकवे भुलाकर, अंपायर बनने की बजाय सिर्फ कट्टर समर्थक बनकर खड़े रहें… वो एकजुट हैं देश को बर्बाद करने के लिए, हम भी एकजुट हों अपने देश को बचाने के लिए.

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY