अद्भुत गति से हो रहा भारत निर्माण

दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे सामाजिक, व्यापारिक और सामरिक दृष्टि से भारत का सबसे महत्वपूर्ण राजमार्ग है जो देश की राजधानी दिल्ली से कश्मीर, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल को जोड़ता है.

इसके अलावा देश की सुरक्षा के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण पंजाब बॉर्डर, कश्मीर और लेह लद्दाख तक का पूरा army deployment और सप्लाई इसी राजमार्ग से होती है.

1990 तक ये एक सामान्य 2 लेन सड़क थी. ये वो दौर था जब कि पंजाब में खालिस्तानी आतंकवाद अपने चरम पर था और पाकिस्तान भारत मे एक छद्म (proxy) युद्ध लड़ रहा था और पूरे भारत को पंजाब-कश्मीर बॉर्डर से जोड़ने वाली ये एकमात्र सड़क सिर्फ 2 लेन थी.

फिर 1990 में भारत सरकार जागी और इसे 4 लेन बनाने का विचार आया.

1990 से आज 2018 आ गया, 28 साल में ये सड़क आज तक 4 लेन से 6 लेन न हो पाई…

आज से कोई 8 साल पहले UPA 2 के सरदार मौनमोहन सिंह जी ने इसे 4 से 6 लेन का चौड़ीकरण करने की शुरुआत की, पर 4 साल में नही कर पाए और नौबत यहां तक आ गयी कि सारे ठेकेदार defaulter हो ठेका छोड़ के भाग गए.

L&T ने तो कान पकड़ लिए कि अब ज़िन्दगी में कभी सड़क नही बनाएंगे… राहुल गांधी की किसान भूमि अधिग्रहण की राजनीति का ये दुष्परिणाम आया कि खुद उनकी UPA के कार्यकाल का कोई प्रोजेक्ट समय से पूरा नहीं हुआ.

फिर जब मोदी सरकार आयी तो गडकरी जी ने UPA के सारे रुके हुए प्रोजेक्ट्स किसी तरह शुरू कराये. दिल्ली-पानीपत-जालंधर 6 लेन में जालंधर में आर्मी और पंजाब पुलिस के साथ जमीन अधिग्रहण के issues थे जिन्हें गडकरी-मोदी ने हल किये तो अब आस जगी है कि ये प्रोजेक्ट 2018 में पूरा हो जाएगा यानी 10 साल लगे सिर्फ चौड़ीकरण में.

इसके विपरीत मोदी जी ने दिल्ली की भीड़भाड़ और प्रदूषण को कम करने के लिए दिल्ली के चारों तरफ एक बायपास, जिसे EPE यानी Eastern Peripheral Expressway का नाम दिया गया, का शिलान्यास 5 नवंबर 2015 को किया था और अब वो इसका उद्घाटन 15 अप्रैल 2018 को करने जा रहे हैं.

इस प्रोजेक्ट को कुल 910 दिन में बना के पूरा करने का लक्ष्य था, पर मोदी-गडकरी ने इसे 890 दिन में राष्ट्र को समर्पित कर दिया है… इसके बन जाने से अब दिल्ली से बाहर की गाड़ियों को शेष भारत में जाने के लिए दिल्ली में नहीं घुसना पड़ेगा और इस से 2 लाख गाड़ियां-ट्रक्स अब दिल्ली को बायपास कर निकल जाएंगे.

उसी दिन यानी 15 अप्रैल को ही मोदी जी दिल्ली-आगरा एक्सप्रेसवे के प्रथम चरण का भी शुभारंभ करेंगे. इस एक्सप्रेसवे के पूरा हो जाने पर दिल्ली से मेरठ की यात्रा जो पहले 3 या 4 घंटे में होती थी, मात्र 40 मिनट में पूरी हो सकेगी.

ऐसे ही कम से कम 20 प्रोजेक्ट्स अगले एक साल यानी 2019 चुनावों से पहले पूरे हो जाएंगे.

इसके अतिरिक्त दिल्ली-कटरा वाया अमृतसर-जम्मू और दिल्ली-मुम्बई दो अन्य एक्सप्रेसवे का निर्माण भी शुरू होने वाला है.

इनके बन जाने से दिल्ली से माँ वैष्णो देवी कटरा की दूरी जो अभी 10 से 14 घंटे में पूरी होती है, वो सिर्फ 6-7 घंटे में और दिल्ली-मुम्बई सिर्फ 12-13 घंटे में पूरी होगी.

महत्वपूर्ण बात ये है कि ये दोनों एक्सप्रेसवे वर्तमान सड़क से हट के नए इलाकों से हो के गुजरेंगे जिस से नए इलाकों में विकास होगा. फिलहाल इन दोनों सड़कों के लिए ज़मीन अधिग्रहण का काम चल रहा है.

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