देश में चारों तरफ क्यों मची है चिहाड़

पिछले दिनों एक मित्र ने ये किस्सा सुनाया.

कांग्रेस के ज़माने में दिल्ली से सुदूर मणिपुर, मेघालय और यूपी, बिहार, बंगाल, उड़ीसा तक एक पाइप लाइन बिछी थी जिससे सरकार पानी भेजती थी कि लोगों की प्यास बुझे.

पर उस पाइप में कांग्रेसियों ने इतने छेद कर रखे थे कि बकौल राजीव गांधी 100 में से 85 फीसद पानी इन्हीं छेदों से बह जाता था.

अब ज़ाहिर सी बात है कि जहां पानी बहेगा वहां हरियाली होगी… सो पाइप के बहते पानी के इर्द गिर्द बड़ी हरियाली थी… बड़ी रौनक थी…

उन छेदों से बहते पानी के कारण एक जंगल उग आया था… पर tail पे बैठे, पाइपलाइन के आखिरी सिरे पर बैठे लोग प्यासे पानी को तरस रहे थे.

फिर मोदी जी आ गए. उन्होंने उस पाइप लाइन का एक एक छेद बंद करना शुरू किया.

छेद बंद होने लगे तो उस बहते टपकते पानी पर ऐश करने वाले लोग अब प्यासे मरने लगे… चोरी के उस पानी से जो हरियाली और जो जंगल उग आया था वो अब सूखने लगा…

हाय तौबा मचनी स्वाभाविक ही थी… छेद बंद हुए तो tail तक पानी पहुंचने लगा… वहां पहुंचने लगा जहां के लिए भेजा जाता था…

70 साल के छेद हैं इस सिस्टम में… रातों रात तो बंद हो नहीं जाएंगे…

आज देश में चारों तरफ जो चिहाड़ मची है वो ये छेद बंद होने के कारण मची है…

नोटबन्दी से काले धन से चलने वाली समानांतर अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो गयी है… चिहाड़ मची है.

GST ने व्यापारी वर्ग को सारा धंधा बिल – पर्चे पर एक नंबर में करने पर मजबूर कर दिया है… चिहाड़ मची है.

सरकारी कर्मचारियों को समय से ऑफिस आना पड़ रहा है और काम करना पड़ रहा है… चिहाड़ मची है.

जो काम पहले 10 या 20 साल में पूरे होते थे वो अब एक साल में पूरे हो रहे हैं… अब ठेकेदारों को भी काम करना पड़ रहा है… सो चिहाड़ मची है.

पहले सड़क बनती थी और 6 महीने में टूट जाती थी, बह जाती थी… अब गडकरी जो सड़क बना रहे, उनका दावा है कि 100 साल तक नहीं टूटेगी… इसका मतलब कि सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार खत्म हो गया… चिहाड़ मची है.

सब्सिडी का पैसा सीधे खाते में जा रहा है… चिहाड़ मची है.

हर जगह आधार कार्ड मांगा जा रहा है इसलिए चोरी की संभावना खत्म होती जा रही है… चिहाड़ मची है.

जो भी विकास कार्य हो रहे हैं उनकी satellite mapping हो रही है, वीडियोग्राफी करायी जा रही है, इसलिए अब चोरी करना बेहद मुश्किल हो गया है… चिहाड़ मची है.

भ्रष्टाचार के कारण पनपे जंगल में रहने वाले जानवर अपने अस्तित्व की अंतिम लड़ाई लड़ रहे हैं… अभी तो भ्रष्टाचार की इस पाइपलाइन के सिर्फ दो-चार छेद ही बंद किये हैं मोदी जी ने… असली खेल तो 2019 के बाद शुरू होगा…

2019 जीतो… कैसे भी जीतो 2019 जीतो…

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY