उम्र-ए-दराज़ माँग के लाये थे चार दिन, दो आरज़ू में कट गए दो इंतज़ार में

भारत का समाज

पिछले साल तक सुनते थे कि अभी अभी तो सरकार बनी है… इंतज़ार कीजिये…

धीरे धीरे सब होगा… मोदीजी सब इंतज़ाम कर रहे हैं… मोदी की लाठी में आवाज़ नहीं होती.

आज सुनते हैं… आपकी पोस्ट मोदी और अमित शाह नहीं पढ़ते हैं. आम वोटर पढ़ता है. अगर पोस्ट पढ़ के एक भी वोट कम होता है तो नुकसान है…

यह बात सच नहीं है कि मोदी और शाह फेसबुक की पोस्ट्स नहीं पढ़ते. एक एक पोस्ट अलग अलग चाहे नहीं पढ़ते हैं, सामान्यतः सोशल मीडिया पर क्या मूड है यह हिसाब तो रखते होंगे.

पब्लिक क्या सोच रही है यह हिसाब नहीं रख सकते तो डेमोक्रेसी में कर क्या रहे हैं? रबिश कुमार और बरखा दत्त क्या कह रहे हैं, सिर्फ उसी का हिसाब रखते हैं?

पर उससे बड़ा एक सवाल है… आप तो उछल कर 2019 में चले गए. लोकसभा का हिसाब लगाने लगे.

पर अभी 2018 है. चुनाव होने में कम से कम साल भर बाकी है…

अभी प्रश्न यह है कि इस साल भर में देश का क्या होगा? कितनी पटरियाँ उखड़ेंगी? कितनी जानें जाएंगी? कितने दंगे होंगे?

जिस गृह-युद्ध से देश को बचा कर बाहर निकालने का जनमत मिला था, उसका क्या हुआ? आपके अनिश्चय और किंकर्तव्यविमूढ़ता में उलझे हम किधर जा रहे हैं?

आपको विश्व-जनमत का ख्याल रखना है, आपको अखबारी रिपोर्टिंग का ख्याल रखना है, आपको सेक्युलर बुद्धिजीवियों का ख्याल रखना है, आपको न्यायपालिका की मर्यादा का ख्याल रखना है…

इन सबके बीच एक छोटा सा प्रश्न यह भी है कि देश की सुरक्षा का, नागरिकों की जान का ख्याल रखने कौन आएगा?

यह कोई अचानक नहीं हो गया है. 2014 से सबको मालूम है कि 2018 में यह दिन आने वाला है.

यही एन्डगेम है… जब चार भीमटों को आगे करके हज़ार मुसल्ले पूरे देश में दंगे और आगजनी करेंगे. अखबार जातीय ज़हर उगलेंगे. वामुल्ले दोनों तरफ से लोगों को भड़काएँगे.

यह पैटर्न पहले दिन से साफ है… यही ब्रेकिंग इंडिया थीम है जिसकी चेतावनी चार सालों से गूँज रही है. इस दिन से निबटने की कौन सी तैयारी है?

आप तो सुना था, राज्यसभा के बहुमत का इंतज़ार कर रहे थे. शायद राज्यसभा इस हिंसा को रोक लेगी. शायद राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति इसे रोक लेंगे. 22 राज्यों की सरकार ही शायद इसे रोक ले?

अब भी अगले साल तक देश को संभाल कर दिखाइए. देश आपके साथ उठ खड़ा होने को तैयार है. यही वह देश है जिसने आपको 2014 में चुना था…

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY