हिन्दू अपने पतन का कारण स्वयं ही है!

आजकल तीन विरोधाभास ट्रेंड चल रहे हैं

पहला —

भारत एक गरीब देश है इसलिए बुलट ट्रैन नहीं चाहिए परन्तु भारत इतना अमीर है कि लाखों रोहिंग्या को पाल सकता है.

दूसरा —

मस्जिद की तरफ़ से देश के छप्पन बड़े महँगे वकील और मंदिर की तरफ से अकेले सुब्रामनयम स्वामी!!

तीसरा —

देश मे GST का विरोध दिखता है किन्तु जनसंख्या बढ़ने का विरोध कभी देखा?

मजाक तो यह है कि 2 बच्चे वाले टैक्स देते हैं, तथा दस वाले सब्सिडी लेते हैं.

आपको उपरोक्त बातें नापसंद हो सकती है परंतु विचार करने योग्य अवश्य है!!!

एक और तथ्य –

भारत महान था ……वीरों की खान था ..
फ़िर भी मुगलों का गुलाम था…..क्यों??….

क्योंकि

“एक हिंदु राजा निजी विरोध के कारण दूसरे हिंदू राजा से दूर खड़ा था और मुगलों का साथ देने पर अड़ा था”

परिस्थिति आज भी वही है मोदीजी हिन्दुत्व के लिये खड़े हैं और भ्रमित हिन्दू उन्हें मिटाने पर अड़े हैं…..!!!!

लाखों हिंदुओं को देखा हैं, मोदी का विरोध करते…

कोई एक मुस्लिम बता दो जो ओवैसी का मुखर विरोध करता हो.

हिन्दू अपने पतन का कारण स्वयं ही है…..
थोड़ा सोचो और खुद को जोड़ो.

जय हिंद जय भारत

– Whatsapp से प्राप्त

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