गौरक्षा – 3 : वैदिक कीटनाशक बनाने के विधि

वैदिक कीटनाशक या जैविक कीटनाशक

दो भाग में सबसे विकट समस्या का हल किया था कि बिना दूध वाली गौवंश का क्या करें. मैं साफ़ शब्दों में कह रहा हूँ देशी गाय ही महत्वपूर्ण है फ़िजीयन मेरे लिए गाय की श्रेणी में नहीं आती उसका दूध पूतना के समान है इसके पहले भाग में जैविक खाद पर लिखा था अब कीटनाशक पर बात करेंगे.

कीटनाशक स्वास्थ्य के लिए कितने हानिकारक हैं यह किसी से छुपा नहीं है अभी हाल ही महाराष्ट्र में पचास से अधिक किसान कीटनाशक की वजह अपने परिवार को अनाथ बनाकर चले गए ऊपर से कीटनाशक का दाम इतना है कि कर्ज़ से मर जाओ ज़हर से बच गए तो.

लेकिन मैं आपको प्रयोग किया हुआ कीटनाशक बताता हूँ जो कि बिलकुल मुफ़्त है और बाज़ार में उपलब्ध किसी भी तरह के कीटनाशक से अधिक ताक़तवर सबसे महत्वपूर्ण बात कि आप जो ज़हर खाते उससे भी अपने परिवार को बचा सकेंगे और स्वस्थ रहेंगे.

बनाने की विधि

एक एकड़ खेत के लिए अगर कीटनाशक तैयार करना है तो

1) 20 लीटर किसी भी देसी गौमाता या देसी बैल का मूत्र चाहिए.

2) 20 लीटर मूत्र में लगभग ढाई किलो (आधा किलो कम या ज्यादा हो सकता है ) नीम की पत्ती को पीसकर उसकी चटनी मिलाइए, 20 लीटर मूत्र में. नीम के पत्ते से भी अच्छा होता है नीम की निम्बोली की चटनी.

3) इसी तरह से एक दूसरा पत्ता होता है धतूरे का पत्ता. लगभग ढाई किलो धतूरे के पत्ते की चटनी मिलाइए उसमें.

4) एक पेड़ होता है जिसको आक या आँकड़ा कहते हैं, अर्कमदार कहते हैं आयुर्वेद में. इसके भी पत्ते लगभग ढाई किलो लेकर इसकी चटनी बनाकर मिलाए.

5) जिसको बेलपत्री कहते हैं, जिसके पत्र आप शंकर भगवान के ऊपर चढ़ाते हैं. बेलपत्री या विल्वपत्रा के पत्ते की ढाई किलो की चटनी मिलाए उसमें.

6) फिर सीताफल या शरीफा के ढाई किलो पत्तों की चटनी मिलाए उसमें.

7) आधा किलो से 750 ग्राम तक तम्बाकू का पाऊडर और डाल देना.

8) इसमें 1 किलो लाल मिर्च का पाऊडर भी डाल दें या 250 ग्राम हरी मिर्च की चटनी

9) इसमे बेशर्म (बेहया ) के पत्ते भी ढाई किलो डाल दें.

तो ये पांच-छह तरह के पेड़ों के पत्ते आप ले लो ढाई ढाई किलो. इनको पीसकर 20 लीटर देसी गौमाता या देसी बैले मूत्र में डालकर उबालना हैं, और इसमें उबालते समय आधा किलो से 750 ग्राम तक तम्बाकू का पाऊडर और डाल देना. ये डालकर उबाल लेना हैं उबालकर इसको ठंडा कर लेना है और ठंडा करके छानकर आप इसको बोतलों में भर ले रख लीजिए.

ये कभी भी खराब नहीं होता. ये कीटनाशक तैयार हो गया. अब इसको डालना कैसे है? जितना कीटनाशक लेंगे उसका 20 गुना पानी मिलाएं. अगर एक लीटर कीटनाशक लिया तो 20 लीटर पानी, 10 लीटर कीटनाशक लिया तो 200 लीटर पानी

नोट: अगर पत्ते पहचानने में समस्या आ रही है जैसा कि कुछ लोगों को आ सकती है तो कोई भी पत्ता देशी गाय के सामने डालिए अगर खा गई तो वह आपके काम का नहीं है अगर न खाया तो उसको कीटनाशक बनाने के काम में ले सकते हैं इस तरह कोई भी पाँच छः प्रकार का पत्ता मिला लीजिएगा.

यह फ़्री होने के साथ ज़ीरो नुक़सान वाला कीटनाशक है और घर में बनाया जा सकता है किसी भी फ़सल फल पत्ती सब्ज़ियों के ऊपर प्रयोग कीजिए या बेचिए आपको 250ml 500 रुपए में मिलता है बाज़ार में वो भी ज़हर इसको ट्राई कीजिए गौरक्षा कीजिए!

जारी…….

– शैलेंद्र सिंह

गौरक्षा – 1 : इतिहास

गौरक्षा – 2 : जैविक खाद बनाने की विधि

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