विज्ञान और अध्यात्म : श्रेष्ठता की बहस से बेहतर तालमेल से मानव जाति की उन्नति

वर्ष 2007-08 की आर्थिक मंदी के लिए आपके पास शायद बहुत से कारण होंगे किन्तु अमेरिका के न्यूरोसाइंटिस्ट John Coates ने इस महामंदी का संबंध जोड़ा testosterone नाम के एक हॉर्मोन के साथ.

अपनी किताब में उन्होंने बारीकी से समझाया कि कैसे यह हॉर्मोन व्यक्ति को उन्मादित करता है, उसमें जोश और अति आत्म विश्वास भरता है और बार बार जीतने के लिए उकसाता है.

लगातार जुए में जीत रहे एक जुआरी के लिए ऐसी उन्माद और आत्मविश्वास से लबरेज़ मनोदशा बहुत घातक सिद्ध हो सकती है. एक गलत निर्णय के चलते वह पल भर में अपना सब कुछ गंवा सकता है.

खैर बात केवल स्टॉक मार्केट में सट्टेबाजी की नहीं है. फैसले हम जीवन भर लेते रहते हैं. जैसे पढ़ाई, शादी, करियर वगैरह को लेकर. हमारा कोई फैसला सही साबित होता है तो कोई गलत. देखा जाए तो जिंदगी भर हम एक जुआ ही खेल रहे हैं. क्या नहीं?

तो हमारे लिए निर्णय ही हमारा भविष्य तय करते हैं और ये निर्णय प्रभावित होते हैं endocrine glands से secrete होने वाले हॉर्मोन्स से. कह सकते है कि इस वक़्त आप जैसा भी महसूस कर रहे हैं उसके पीछे बहुत से हॉर्मोन्स की complex chemistry काम कर रही है.

इन ग्रंथियों का सीधा संबंध हमारे शरीर में पाए जाने वाले energy centers (चक्र) के साथ है.

आकाशीय पिंडों का आपकी मनोदशा पर अथवा आपके भविष्य पर प्रभाव पड़े ना पड़े किन्तु हमारी श्वास जिन चक्रों से होते हुए अपना रास्ता तय करती है उनमें किसी भी प्रकार का असंतुलन वैश्विक आर्थिक मंदी तक का भी पर्याय बन सकता है. समझ रहे हैं ना?

मंगल ग्रह की पूजा करने से शायद लाभ ना भी हो किन्तु मणिपुर चक्र पर ध्यान केंद्रित कर उसको regulate करने से hormones की केमिस्ट्री में जो बदलाव आएगा वह आपके जीवन को निश्चित तौर पर नई दिशा दे सकता है.

समझना होगा कि वैदिक दर्शन बाहर दिखने वाले जगत को भीतर के जगत का प्रतिबिंब (self projection) मात्र मानता है. वैदिक दर्शन बाहर के नहीं भीतर के आकाश की, बाहर के नहीं भीतर के ग्रहों(चक्रों) की बात करता है. वेद इत्यादि ग्रंथों को इन चमड़े की आंखों के द्वारा नहीं पढ़ा जाता, उसके लिए अलग दृष्टि चाहिए.

विज्ञान और अध्यात्म में कौन श्रेष्ठ है इस ओछी बहस में पड़ने की बजाय हमें एक दूसरे के तालमेल से मानव जाति की बेहतरी की दिशा में कोई सार्थक प्रयास करना चाहिए.

 

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