कोर्ट जाने का समय नहीं, इसलिए मांग रहे माफ़ी

नई दिल्ली. अरविंद केजरीवाल द्वारा पहले विपक्षी दलों के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाने और बाद में मानहानि के मुकदमों से घबरा कर माफी मांगने पर उनके ख़ास सहयोगी मनीष सिसोदिया ने सफाई दी है.

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा है कि वे किसी अहं के टकराव में रूचि नहीं रखते और कानूनी पचड़े में समय नहीं खराब करना चाहते बल्कि लोगों की सेवा करना चाहते हैं.

सिसोदिया ने सोमवार को कहा, “अगर कोई हमारी टिप्पणी से आहत होता है तो हम माफी मांग लेंगे. हम इसे अहं का टकराव नहीं बनाएंगे. हम यहां लोगों के लिए काम करने आए हैं. हमारे पास अदालत जाने का समय नहीं है, हमने खुद के लिए समय निकाला है ताकि हम लोगों के लिए लड़ सकें.”

केजरीवाल और सिसोदिया द्वारा केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल के बेटे अमित सिब्बल के खिलाफ कुछ टिप्पणियों पर खेद जताने के बाद उनका बयान सामने आया. आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर दोनों ने अलग-अलग मानहानि याचिकाएं दायर की थीं.

इससे पहले केजरीवाल ने पिछले हफ्ते अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर नशे के धंधे में संलिप्त होने का आरोप लगाने के लिए माफी मांगी थी.

केजरीवाल के लगातार माफ़ी माँगने पर आम आदमी पार्टी की पूर्व नेता अंजलि दमानिया ने केजरीवाल पर निशाना साधा और कहा कि अगर वह इतनी आसानी से पीछे हटने वाले थे तो उन्होंने 20 ‘ भ्रष्ट नेताओं’ की सूची क्यों जारी की थी.

साल 2015 में में पार्टी से अलग हो चुकी दमानिया ने सोमवार को अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोलते हुए सवाल किया कि अगर वह इतनी आसानी से पीछे हटने वाले थे तो उन्होंने 20 ‘भ्रष्ट नेताओं’ की सूची क्यों जारी की थी.

उल्लेखनीय है कि दमानिया ने ही गडकरी पर पूर्ति समूह में अनियमितताओं का आरोप लगाया था. दमानिया ने कहा, “यह देखना बहुत परेशानी की बात है कि अरविंद गडकरी से माफी मांग कर रहे हैं जबकि मैंने उनके (गडकरी) के खिलाफ ठोस सबूत दिए थे. अगर इतनी आसानी से पीछे हटना था तो फिर आप ने20 भ्रष्ट नेताओं की सूची क्यों जारी की थी?”

उन्होंने केजरीवाल की इस दलील को भी खारिज कर दिया कि वह दिल्ली में ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि वह खुद मानहानि के 24 मामलों का सामना कर रही हैं और आखिर तक लड़ेंगी.

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