समाज में बलात्कार की घटनाएं यकीनन कम होगी…

समाज में बलात्कार की घटनाएं यकीनन कम होगी…

जब बुज़ुर्ग युवाओं को दीर्घायु, सफल और स्वस्थ होने के साथ यह भी आशीर्वाद दें कि

मन में विपरीत के प्रति आकर्षण की सुन्दरता बनी रहे….

रिश्तों में सम्मान बना रहे और प्रेम में स्वतंत्रता बनी रहे…

बना रहे पुरुष में पुरुषत्व और नारी में उस तत्व को ग्रहण करने की क्षमता बनी रहे….

शैशव काल में दोनों शिशु बने रहे…

किशोरावस्था में देह की भिन्नता के भान के साथ, दोनों की अपनी अपनी प्रकृति बनी रहे….

युवक के लिए यौवन हो सृजनात्मक, और युवती सृजन की प्रेरणा बनी रहे…

बढ़ती उम्र के साथ ढले नहीं ज्ञान का सूर्य, और उसकी हर किरण में रोशनी भरी रहे….

तभी तो उम्र के अंतिम पड़ाव पर ये हाथ उठा रह सकेगा आशीर्वाद मुद्रा में, यह आशीर्वाद देने कि….

तन की आवश्यकताएं पूरी हो ना हो, मन में विपरीत के प्रति आकर्षण की सुन्दरता बनी रहे…. ये प्रकृति बनी रहे… मैं बना रहूँ तुम बनी रहो… और सृष्टि बनी रहे….

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