दुश्मन को अगर आप खत्म नहीं कर सकते तो पालतू बना लीजिये

हमारे पड़ोसी के पास एक कुत्ता था, बहुत ही बदमाश, जिसे देखो उसे काटने को दौड़ता था, दिन भर हर किसी पर भौंकता रहता.

दिन में तो ठीक, रात में भी इतना भौंकता था कि कमबख्त ने नींद हराम कर रखी थी मेरी.

न जाने उसकी मुझ से क्या दुश्मनी थी जब भी मुझे या मेरे परिवार वालों को देखे तुरंत भौंकना शुरू कर देता था.

मैंने उसे कई बार दुत्कारा, पत्थर भी मारे, पर उस बेशर्म को कोई फर्क ना पड़ा.

एक दिन पिताजी और मेरा बच्चा सुबह सुबह टहल रहे थे कि अचानक उसने उन पर हमला कर दिया, दोनों गिरते गिरते बचे.

मुझे बहुत गुस्सा आया मैंने पड़ोसी से शिकायत की तो वो बोला, भाईसाहब कुत्ता नही भौंकेगा तो क्या आप हम भौंकेंगे?

मतलब साफ था कुत्ते को पड़ोसी की शह थी. पड़ोसी से लड़ाई से बेहतर था कि खून का घूँट पी कर सही समय का इंतज़ार किया जाए.

कोई बोला कि इसे खाने में ज़हर दे दो, तो कोई बोला गोली मार दो जो होगा देखा जाएगा, पर मैंने ऐसा कुछ नही किया क्योंकि इसमें सिर्फ विवाद बढ़ता.

मैं दिन रात उसका भौंकना सुनता रहा.

एक दिन पड़ोसी कुत्ते पर नाराज़ हो रहा था. मैंने मौका देख कर चौका जड़ दिया और कहा, शर्मा जी इसे किसी को बेच दीजिये.

शर्मा जी बोले, मैं तो इसे बेचने तैयार बैठा हूँ पर इस बिगड़ैल को खरीदेगा कौन?

मैंने तुरंत सौदा पक्का कर लिया और उस कुत्ते को अपने घर ले आया. पूरा घर चिल्ला उठा इसे बाहर निकालो, इसे क्यो ले आये? ये हम सब पर भौंकता है, काट लेगा सबको.

मैंने समझाया, अरे भाई अब इसका मालिक मैं हूँ, इसे भी ये बात पता है इसलिए अब ये ना मुझ पर भौंकेगा न घर के किसी और सदस्य पर.

कुत्ता समझदार था उसने तुरंत मेरे पैर चाटे और पैरों में बैठ गया.

अगली सुबह कुत्ता मेरे पड़ोसी शर्मा जी पर भौंक रहा था और मैं आराम से चाय की चुस्की के साथ आनंद ले रहा था.

मेरा बदला अब ये कुत्ता ले रहा था, उसे मालूम था कि अगर मेरे हिसाब से नहीं चला तो घर से बाहर निकाल दिया जाएगा.

मैंने अपने और पिताजी के ऊपर भौंके वाले कुत्ते को अपना बना लिया. अब दिन रात वो दुम हिलाता है पैर चाटता है तो मेरी आत्मा को प्रसन्नता मिलती है.

कई बार जोश से नहीं होश से काम लेना पड़ता है. दुश्मन को अगर आप खत्म नहीं कर सकते तो उसे अपना पालतू बना लीजिये.

फिर वो आपके लिए काम करेगा, और आप पहले से ज़्यादा शक्तिशाली हो जाएंगे, क्योंकि आपको न सिर्फ एक बना बनाया गुंडा मिल जाएगा बल्कि अपनी दुश्मन टीम के भेद भी मिल जाएंगे, और उस भेदी से आप सामने वाले के सारे भेद मार्किट में ओपन करवा दीजिये अपने विरोधी को खूब बदनाम करवाइये.

मज़े की बात तो ये है कि इसमें आपका नाम भी कहीं नहीं आएगा, मने साँप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे.

ऐसा ही कुछ काम नरेश अग्रवाल को भाजपा में ले कर भी हुआ है, जो कल तक भगवान् राम को गाली देता था उसे अब जय श्री राम बोलना होगा, वंदेमातरम बोलना होगा, गुस्से से नहीं ज़रा दिमाग़ से काम लीजिये, ज़रा सोचिए…

Comments

comments

loading...

LEAVE A REPLY