असमंजस में छोड़ने वाला असमंजस बाबू – 3

असमंजस बाबू का पूर्वाभ्यास लय में आ चुका था. नयनीश ने बेजोड़ मेहनत की थी. इस प्रतिस्पर्धा में मैं भी थोड़ा बहुत अच्छा करने लग गया था. भौमिक दादा ने हम दोनों के दृश्यबन्धों में कोई भी समानता नहीं रखी थी. मैं और नयनीश दोनों उनकी इस अदा से लगभग परेशान हो गये थे कि … Continue reading असमंजस में छोड़ने वाला असमंजस बाबू – 3